कोरबा । TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में प्रशासन ने अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए 14 वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई गौण खनिजों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा गठित दो विशेष उड़नदस्ता दलों ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान 15 संदिग्ध स्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिली थीं।
जांच के दायरे में सीतामढ़ी, कपाटमुड़ा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन, नौ ट्रैक्टर, दो हाइवा और दो टीपर सहित कुल 14 वाहन एवं मशीनें जब्त की गईं। इन पर बिना वैध अनुमति के खनिज उत्खनन या परिवहन में इस्तेमाल होने का आरोप है।
जब्त वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों और खनिज जांच नाका उरगा की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इनमें कुसमुंडा, हरदीबाजार, दर्री और बांकीमोंगरा थाने शामिल हैं।
खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित वाहन स्वामियों और आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का क्या कहना है?
अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अवैध खनन पर नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की रक्षा करना तथा खनिज राजस्व की चोरी को रोकना है।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
खनन गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में कोरबा में हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत अवैध खनन नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
