रात तक साथ थे, सुबह पेड़ से लटके मिले दोनों... प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत

सरगुजा। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरगवां गांव में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक प्रेमी युगल के शव गांव के बाहर एक पेड़ पर फंदे से लटके मिले। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार सुबह गांव के कुछ लोगों ने पेड़ पर युवक और युवती के शव लटके हुए देखे। इसके बाद तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। उदयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच के दौरान घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उदयपुर थाना पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चर्चा का माहौल है।

IPL सट्टा कनेक्शन का एक और खिलाड़ी गिरफ्तार, मोबाइल ने खोल दिए राज

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  आईपीएल क्रिकेट सट्टा संचालन से जुड़े मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को बसंतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 192/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पूर्व में आरोपी श्याम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

विवेचना के दौरान जब्त मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में राकेश कुमार उमरे की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी।

पुलिस ने 3 जून को आरोपी राकेश कुमार उमरे, निवासी समता कॉलोनी पनेका को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

हरित विकास, जल संरक्षण और जनभागीदारी से पर्यावरणीय समृद्धि की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भविष्य की संरक्षक भी है। स्वच्छ वायु, निर्मल जल, घने वन और समृद्ध जैव विविधता किसी भी सभ्य समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के इस दौर में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, जो हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है।

प्राकृतिक संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के विशाल वन क्षेत्र, समृद्ध जैव विविधता और जल संसाधन इसकी पर्यावरणीय पहचान हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार हरित विकास, जल संरक्षण और जनभागीदारी को केंद्र में रखकर अनेक योजनाओं का सफल संचालन कर रही है।

हरियाली से समृद्धि की ओर

छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से भी जोड़ा गया है। ’हरियाली प्रसार योजना’ और ’किसान वृक्ष मित्र योजना’ के माध्यम से किसानों को कृषि वानिकी के लिए पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा उन्हें अपनी भूमि पर वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे एक ओर हरित क्षेत्र का विस्तार हो रहा है तो दूसरी ओर किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संचालित ”एक पेड़ मां के नाम“ अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जनभावनाओं से जोड़ने का कार्य किया है। इस अभियान के माध्यम से लाखों नागरिक अपनी मां के सम्मान में पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। यह पहल पर्यावरणीय जिम्मेदारी को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान कर रही है।

शहरों को मिल रही हरित पहचान

तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इस दिशा में ’ऑक्सीवन योजना’ के तहत शहरों में ऑक्सीजन पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। वहीं पर्यावरण वानिकी योजना’ के माध्यम से सड़क किनारे वृक्षारोपण, पर्यावरण पार्कों का निर्माण तथा सार्वजनिक स्थलों का हरित विकास किया जा रहा है। ये प्रयास न केवल प्रदूषण नियंत्रण में सहायक हैं, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता भी प्रदान कर रहे हैं।

जल संरक्षण बना जनआंदोलन

जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए जल संरक्षण आज सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दिशा में कई अभिनव पहलें की हैं। ’मोर गांव मोर पानी’ और ’मोर गांव मोर तरिया’ जैसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की नई चेतना पैदा कर रहे हैं। परंपरागत तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, चेक डैम निर्माण और जल पुनर्भरण संरचनाओं के विकास से भूजल स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में ’भूजल एवं जल संरक्षण कार्यक्रमों’ के तहत जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष बल दिया जा रहा है। जल सुरक्षा की यह सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रख रही है।

नदियों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण

प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए ’नदी तट वृक्षारोपण योजना’ के अंतर्गत नदी किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। इससे मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण, भूजल संवर्धन और जैव विविधता संरक्षण में मदद मिल रही है।

इसी प्रकार आर्द्र भूमि (वेटलैंड) जलवायु अनुकूलन परियोजना के तहत महानदी जलग्रहण क्षेत्र में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और प्राकृतिक जल तंत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नई पीढ़ी को पर्यावरण का प्रहरी बनाने की पहल

पर्यावरण संरक्षण की सफलता जन-जागरूकता और जनभागीदारी पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से ’राष्ट्रीय हरित कोर योजना (नेशनल ग्रीन कॉर्प्स)’ तथा ’ईको-क्लब कार्यक्रमों’ के माध्यम से स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को पर्यावरणीय गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण संबंधी कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और युवाओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण : सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी

पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। एक पौधा लगाना, जल की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना और स्वच्छता बनाए रखना ऐसे छोटे-छोटे कदम हैं जो बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। छत्तीसगढ़ आज हरियाली, जल संरक्षण और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल के माध्यम से इसी संतुलित दृष्टिकोण को साकार कर रहा है। यदि हम सभी प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझें और पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, तो आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पृथ्वी सौंप सकेंगे।

धरती हमें विरासत में नहीं मिली है, बल्कि हमने इसे आने वाली पीढ़ियों से उधार लिया है। इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। 

(विशेष लेख।  •  डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उपसंचालक, जनसंपर्क) 


अब छत्तीसगढ़ में महकेगा बासमती, सरकार ने बनाई विशेष योजना

रायपुर । TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। कृषि विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन  के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

बैठक में कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। श्री नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। सामान्य धान की खेती के फसल विविधिकरण तथा राज्य में बासमती का रकबा बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।

बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य में बासमती धान के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।

घरेलू विवाद का खौफनाक अंत, लाठी-डंडों से युवक की हत्या

दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़  /  पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के ग्राम मोहंदी में एक युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मृतक द्वारा अपनी पत्नी के साथ मारपीट किए जाने से नाराज होकर आरोपियों ने उस पर हमला किया था। 

पुलिस के अनुसार 1 जून की रात करीब नौ बजे ग्राम मोहंदी के खाननाडी क्षेत्र में मृतक नीलकंठ साहू और उसकी पत्नी सावित्री साहू के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि नीलकंठ ने पत्नी के साथ मारपीट कर उसके सिर में चोट पहुंचाई थी। इस घटना से नाराज आरोपी राजेश वर्मा और अमर सिंह यादव ने नीलकंठ से विवाद किया। आरोपियों ने एक राय होकर उस पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक राजेश वर्मा ने डंडे से जबकि अमर सिंह यादव ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। हमले में नीलकंठ के सिर, सीने, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल नीलकंठ साहू की अगले दिन 2 जून की सुबह मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी सावित्री साहू की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पूछताछ के दौरान आरोपी राजेश वर्मा ने डंडे से मारपीट करने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी राजेश वर्मा (50 वर्ष) निवासी इंद्रा पारा और अमर सिंह यादव (45 वर्ष) निवासी मोहंदी बांधापार को गिरफ्तार कर लिया। पुरानी भिलाई पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 291/2026 के तहत धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।  

गांव पहुंचा शासन, मंत्री ने मंच से खोला विकास योजनाओं का पिटारा

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित सुशासन तिहार के तहत बुधवार को ग्राम छेरकापुर में आयोजित समाधान शिविर में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने क्षेत्र के लिए 55 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। शिविर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

राजस्व मंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। सरकार का प्रयास है कि युवा, किसान, गरीब और समाज का हर वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

छेरकापुर और सेमरिया को मिलीं नई सौगातें

मंत्री वर्मा ने सेमरिया में सीसी रोड निर्माण के लिए 30 लाख रुपये तथा गोड़ा सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी। इसके अलावा छेरकापुर में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, मुक्तिधाम निर्माण और सीसी रोड निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रुपये की घोषणा की।

जनता की समस्याओं के समाधान का प्रयास

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का जमीनी स्तर पर निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि 'विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी' के माध्यम से सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

जल संरक्षण और रोजगार पर भी जोर

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिला प्रशासन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 'मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0' के तहत जल संचयन दीदियों और ग्राम पंचायतों के सहयोग से ढाई महीने में ढाई लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'हम होंगे कामयाब 2.0' वेब पोर्टल की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार और करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इस समाधान शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया और बड़ी संख्या में हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ ही आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल बांटी गई। 


कॉलेज के पास चाकू लहराकर बना रहा था खौफ, पुलिस ने पहुंचाया जेल

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  सरकंडा पुलिस ने अवैध हथियार लेकर लोगों में दहशत फैलाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से बटनदार धारदार चाकू बरामद किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध हथियार रखने वालों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सरकंडा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अशोक नगर स्थित डीएलएस कॉलेज और हनुमान मंदिर के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लहराकर राहगीरों को डरा-धमका रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदेही युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम कैलाश साहू (27 वर्ष) निवासी अशोक नगर, डीएलएस कॉलेज के पास, थाना सरकंडा बताया।

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