दवा कंपनी की आड़ में नशे का खेल, पुलिस ने 4 तस्करों को दबोचा


दुर्ग।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग पुलिस ने एक संगठित नशीली दवाओं के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दवा कंपनी के प्रतिनिधि बनकर प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की अवैध तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 5 लाख रुपये मूल्य की नशीली सिरप, वाहन, मोबाइल और नकदी जब्त की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि 23 अप्रैल को स्मृतिनगर चौकी और एसीसीयू टीम को सूचना मिली थी कि भिलाई के जुनवानी-खम्हरिया रोड पर एक गिरोह नशीली सिरप की बिक्री के लिए परिवहन कर रहा है। सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार (CG-07-8595) को रोका गया। तलाशी में कार से 7 कार्टून में भरी 800 नग प्रतिबंधित CADIFOS-T कोडीन सिरप बरामद की गई।

अवैध शराब पर घुमका पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार


राजनांदगांव।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  अवैध शराब परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत घुमका थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल के जरिए अवैध शराब परिवहन करते पकड़े गए।

पुलिस को 23 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घुमका से ग्राम पटेवा और हरडुवा की ओर दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी विजय मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर घेराबंदी की गई।

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाही में राजकुमार वर्मा उर्फ़ राजू को 20 पौव्वा के साथ और बोईरडीह निवासी संतकुमार पारधी को 18 पव्वा देशी शराब के साथ पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम कारवाही की गयी। 


शादी में गए परिवार के घर लाखों की चोरी, दो गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम हिंडाडीह में शादी समारोह के दौरान सूने घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी संपत्ति बरामद कर ली गई है।

प्रार्थिया श्यामकली मरावी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 अप्रैल की शाम वह घर में ताला लगाकर शादी कार्यक्रम में गई थी। वापस लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और आलमारी से सोने-चांदी के जेवर सहित नगदी गायब थे। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 5 लाख 60 हजार रुपये बताई गई। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेही रामेश्वर यादव (19 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरू में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रोहित दास मानिकपुरी उर्फ राहुल (27 वर्ष) के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने का मंगलसूत्र, हार, लॉकेट, झुमका, चांदी का पायल, करधन, चूड़ा, बिछिया, नगदी ₹14,000 जब्त किया जिसकी कुल कुल कीमत करीब ₹5.60 लाख बताई जा रही है। 

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने घर के सूने होने का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया और चोरी का सामान गांव के बाहर जमीन में छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छिपाए गए स्थान से सोने-चांदी के जेवर और नगदी बरामद कर ली।


सुरक्षा पर सवाल: महिला वनरक्षक ने लगाई न्याय की गुहार, मानसिक-आर्थिक प्रताड़ना के आरोप

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  वन विभाग की महिला वनरक्षक द्वारा लिखा गया दो पन्नों का पत्र केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता, जवाबदेही और महिला सुरक्षा के दावों की वास्तविकता को परखने वाला दस्तावेज बनकर सामने आया है।

बिलासपुर वनमण्डल के अनुसन्धान एवं विस्तार विभाग की महिला वनरक्षक ओसिन रानी सिंह ने पत्र में महिला ने स्पष्ट रूप से अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक, आर्थिक और सामाजिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आरोप किसी निजी संस्था पर नहीं, बल्कि एक शासकीय विभाग पर हैं—जहां नियम, संरचना और शिकायत निवारण तंत्र पहले से स्थापित होना चाहिए। 

पीड़िता ने अपने पत्र में वनमंडलाधिकारी नीरज कुमार यादव, वनरक्षक बंसल महिलागे और भूपेंद्र उहरिया पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार प्रताड़ना के चलते उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

महिला वनरक्षक का कहना है कि उन्होंने इस मामले में उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की अपील की है। पीड़िता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक आडियो/वीडियो भी साझा किया है, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया गया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।  

पत्र क्या कहता है — आरोपों की परतें

पत्र के अनुसार— महिला को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, आर्थिक दबाव और कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप, गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार का उल्लेख है। महिला कर्मी का कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना वन कार्यालय में जंगल कानून जैसा लगता है। इस पुरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि पीड़िता ने विभागीय स्तर पर शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात कही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि या तो शिकायत प्रणाली निष्क्रिय है या जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। 

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