UP POLICE: सराफा व्यापारी से करोड़ों की लूट करने वाले बदमाशों का मिर्जापुर में शार्ट एनकाउंटर, मुठभेड़ के बाद चार गिरफ्तार

अहरौरा (मिर्जापुर)। TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी पर जानलेवा हमला कर करोड़ों की लूट करने वाले चारों अंतरराज्यीय बदमाशों को मिर्जापुर जनपद की अहरौरा पुलिस ने बुधवार की रात सारादह जंगल के पास मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई कार, सोना और नकदी समेत सभी सामान बरामद कर लिया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक पिस्टल और तीन तमंचे भी बरामद किए हैं। इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिनका मंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। इधर बिलासपुर रेंज के आईजी श्री गर्ग ने इस पुरे घटनाक्रम के सम्बन्ध में गुरुवार शाम बिलासा गुड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि बिलासपुर पुलिस की टीम ने उत्तरप्रदेश पुलिस से समन्वय बनाया क्यूंकि बिलासपुर पुलिस को आरोपियों के मिर्जापुर की ओर भागने का लोकेशन मिल रहा था। हालांकि इस पुरे मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस की टीम आरोपियों को दबोचकर पहले ही अपनी पीठ थपथपा चुकी है। 

पुलिस को सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के वसंत विहार स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी की कार को वैन सवार बदमाशों ने पहले टक्कर मारकर रोका। इसके बाद विवाद करते हुए पिस्टल तान दी और हथौड़े से सिर पर वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद बदमाश कारोबारी की कार सहित लगभग दो किलो 200 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार रुपये नकद समेत कुल मिलाकर लगभग 3 करोड़ 35 लाख रुपये का माल लूटकर फरार हो गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने सीमाओं पर घेराबंदी शुरू कर दी थी। बुधवार की रात सोनभद्र बार्डर के पास पुलिस को लूट की सूचना मिली। अहरौरा पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने भागने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

थानाध्यक्ष अजय मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में दिल्ली के विजय लांबा और गौतम बुद्ध नगर के मोनू उर्फ राहुल के पैर में मुठभेड़ में गोली लगी है। वहीं, बरेली के करीम खान और राजस्थान के विनोद उर्फ बीनू को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। 

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घटना में संलिप्त दयालबंद निवासी

घटना में संलिप्त दयालबंद निवासी एक आरोपी इमरान जो स्कार्पियो गाड़ी के माध्यम से आरोपियों की रेकी और घटना करने में शामिल था, उसकी भी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर, स्कार्पियों को जब्त कर लिया गया है। घटना का मास्टर माइंड विजय लांबा एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिसके विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 70 से भी अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी विजय लांबा के दिसंबर माह में हुई एक और घटना में भी शामिल होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसकी तस्दीक आरोपी से पूछताछ करके की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में भी हुई ऐसी घटनाओं के संबंध में आरोपी के यहां लाने के बाद जानकरी लिए जाने का प्रयास किया जाएगा।

करोड़ों की लूट ने खड़े किए गंभीर सवाल

गौरतलब है कि बिलासपुर के राजकिशोर नगर क्षेत्र में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से करोड़ों रुपये के सोने और लाखों की नकदी की लूट ने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे. सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी कारोबारी की कार लेकर फरार हुए और उरतुम इलाके में वाहन छोड़कर अन्य गाड़ियों-जैसे स्कॉर्पियो और आई20 का इस्तेमाल करते हुए उत्तर प्रदेश की ओर निकल गए. बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों में से कुछ अकलतरा और मैनपाट से चोरी की गई थीं, जिससे पूरी साजिश के सुनियोजित होने के संकेत मिलते हैं.

 छह महीने तक किराए पर रहकर की रेकी

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी कथित तौर पर पिछले छह महीने से नजदीकी क्षेत्र सीपत में किराए के मकान में रहकर कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. इतने लंबे समय तक बाहरी लोगों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक न लगना जांच के दायरे में है. अब यह सवाल उठ रहा है कि निगरानी और सूचना तंत्र में आखिर चूक कहां हुई.

 जांच के तरीके पर भी उठे सवाल 

पूरे घटनाक्रम ने जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि पुलिस मोबाइल लोकेशन और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ रही थी. यदि समय रहते सतर्कता बरती जाती, तो क्या आरोपी राज्य की सीमा पार कर पाते ?


बंद कमरे में सिगड़ी बनी काल, दंपती और मासूम बेटी की दम घुटने से मौत


सूरजपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / ठंड से बचने की कोशिश एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के कोट चन्दरपुर गांव में मंगलवार रात बंद कमरे में सिगड़ी जलाकर सोए पति-पत्नी और उनकी चार वर्षीय मासूम बेटी की दम घुटने से मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय कवल सिंह, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कुंती और चार साल की बेटी रात में कमरे के भीतर पत्थर कोयले की सिगड़ी जलाकर सो गए थे। जिस कमरे में वे सो रहे थे, वहां न तो खिड़की थी और न ही रोशनदान। देर रात सिगड़ी से उठे धुएं और जहरीली गैस के कारण कमरे में घुटन बढ़ती गई और तीनों की मौत हो गई।

आज बुधवार सुबह देर तक घर से कोई गतिविधि नहीं दिखने पर पड़ोसियों को आशंका हुई। दरवाजा खुलवाने पर तीनों को अचेत अवस्था में पाया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की आशंका है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस हृदयविदारक हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजन बदहवास हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश की माता श्रीमती कुसुम सिन्हा को दी श्रद्धांजलि

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की माता स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रीमती सिन्हा का 15 फरवरी को निधन हो गया था।

    मुख्यमंत्री ने  बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रीमती सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों  से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि माता जी का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। श्रीमती कुसुम सिन्हा का सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक,संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अवैध खनन जांच के दौरान मारपीट, मौत: कुसमी एसडीएम करूण डहरिया निलंबित


रायपुर/बलरामपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान ग्रामीणों से मारपीट और एक आदिवासी की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बीच एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत हंसपुर गांव में 15 फ़रवरी की रात खनन क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि एसडीएम करूण डहरिया निजी थार वाहन से कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन ग्रामीणों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने रॉड और लाठी-डंडों से ग्रामीणों की पिटाई कर दी। मारपीट में 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए।

घायलों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी टीम से उनका सामना हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रकरण को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि एसडीएम सरकारी वाहन के बजाय निजी थार गाड़ी से गए थे। साथ में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बजाय निजी लोग मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद नायब तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया। 

ग्रामीणों के आंदोलन के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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