रायपुर/बलरामपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के दौरान ग्रामीणों से मारपीट और एक आदिवासी की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बीच एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत हंसपुर गांव में 15 फ़रवरी की रात खनन क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि एसडीएम करूण डहरिया निजी थार वाहन से कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन ग्रामीणों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ मौजूद लोगों ने रॉड और लाठी-डंडों से ग्रामीणों की पिटाई कर दी। मारपीट में 62 वर्षीय रामनरेश की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए।
घायलों ने बताया कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी टीम से उनका सामना हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रकरण को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि एसडीएम सरकारी वाहन के बजाय निजी थार गाड़ी से गए थे। साथ में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बजाय निजी लोग मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद नायब तहसीलदार को मौके पर बुलाया गया।
ग्रामीणों के आंदोलन के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

