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हिस्ट्रीशीटर 'सत्या' भेजा गया जेल, ट्रक चालकों से मारपीट और वसूली

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में ट्रकों से अवैध उगाही करने, चालकों से मारपीट करने और इलाक़े में दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने एक आदतन अपराधी (हिस्ट्रीशीटर) को गिरफ़्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सड़क पर टेंट लगाकर अवैध रूप से वाहनों की रॉयल्टी चेक कर रहा था।

बिल्हा थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ़्तार किए गए मुख्य आरोपी का नाम सत्यप्रकाश उर्फ़ सत्या उर्फ़ प्रदीप घृतलहरे (44 वर्ष) है, जो चकरभाठा थाना क्षेत्र के कनेरी गाँव का निवासी है। पुलिस ने मौक़े से टेंट और कुर्सियाँ भी ज़ब्त की हैं, वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता महेश शर्मा (निवासी- बिल्हा) ने 17 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जून की दोपहर ग्राम पंचायत दुर्गडीह के पास आरोपी सत्यप्रकाश ने अपने भाई दिलेश घृतलहरे और अन्य साथियों (सोना कोसले, नारायण रात्रे, सुनील अनंत) के साथ मिलकर क्रेशर प्लांट में चलने वाले ट्रकों को रोक लिया।

आरोप है कि इन लोगों ने पंचायत भवन के सामने बकायदा टेंट लगा लिया था और वहाँ से गुज़रने वाले वाहनों को रोककर अवैध रूप से रॉयल्टी की पर्ची चेक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शराब के लिए पैसे की माँग करते हुए ट्रक ड्राइवर पुन्नू यादव और मोनू राजपाल के साथ मारपीट की।

शिकायत के मुताबिक़, आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे थे और कह रहे थे कि "जब तक पैसे नहीं दोगे, गाड़ियाँ नहीं जाने देंगे... शासन-प्रशासन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।"

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

मामले की गंभीरता और क़ानून-व्यवस्था को दी गई इस खुली चुनौती को देखते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और चकरभाठा सीएसपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिरगिट्टी क्षेत्र में घेराबंदी की। यहाँ से मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध उगाही और मारपीट का जुर्म क़बूल कर लिया। आज 18 जून को पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ़्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी से आसपास के गाँवों में शांति है और फ़रार अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। 


लाल हुआ मैदान: ईदगाह की पुताई को लेकर खूनी संघर्ष, जानलेवा हमला

भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में ईदगाह की दीवार की पुताई के विवाद में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फ़रार आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है।

भिलाई नगर थाना पुलिस के मुताबिक़, यह घटना सेक्टर-06 स्थित लाल मैदान की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, 14 जून को लाल मैदान (सेक्टर-06, भिलाई) में मोहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में ईदगाह परिसर की दीवारों के रंग-रोगन और पुताई के काम पर चर्चा हो रही थी।

इसी दौरान बैठक में आपसी विवाद पैदा हो गया। पुलिस का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता पर हत्या के इरादे से जानलेवा हमला कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौक़े से फ़रार हो गया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ़्तारी

घटना की सूचना मिलते ही भिलाई नगर पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 296 और 351(3) में एफ़आईआर दर्ज की। मामले की जाँच के दौरान पुलिस को मुखबिर से फ़रार आरोपी के बारे में पुख़्ता जानकारी मिली। इस आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ़्तार आरोपी की पहचान वसीम परवेज़ उर्फ़ राजा (उम्र 41 वर्ष) के रूप में की है, जो भिलाई नगर के सेक्टर-06 का ही निवासी है। आरोपी वसीम परवेज़ को गिरफ़्तारी के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। भिलाई नगर थाना पुलिस की टीम की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।

फ़ेक FB आईडी, निजी तस्वीरें और खौफ़नाक साज़िश

राजनांदगांव। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक युवती के नाम से फ़र्ज़ी (फ़ेक) फ़ेसबुक अकाउंट बनाकर उसकी निजी व अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार किया गया आरोपी मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है।

घुमका थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से उस वक़्त धर दबोचा जब उसका लोकेशन वहाँ ट्रेस किया गया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने घुमका थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके नाम से फ़ेसबुक पर एक फ़ेक आईडी बनाई गई है। इस आईडी के ज़रिए वह व्यक्ति उनकी निजी तस्वीरें, वीडियो और मोबाइल नंबर लगातार सार्वजनिक कर रहा है, जिससे उनकी निजता (प्राइवेसी) भंग हो रही है और उनका मानसिक व यौन उत्पीड़न किया जा रहा है।

शिकायत मिलते ही घुमका पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर मामले को जाँच में लिया। महिला संबंधी गंभीर अपराध होने के कारण इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर और डोंगरगांव की एसडीओपी श्रीमती मंजूलता बाज ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। घुमका थाना प्रभारी निरीक्षक विजय मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जाँच के दौरान पुलिस लगातार आरोपी के मोबाइल नंबर का साइबर लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी बीच पुलिस को आरोपी का ताज़ा लोकेशन राजनांदगांव रेलवे स्टेशन का मिला। लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया।

आरोपी की पहचान और क़बूलनामा

सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने सोशल मीडिया पर फ़ेक आईडी बनाकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की पहचान मारपल्ली राकेश (उम्र 27 वर्ष) के रूप में की है। आरोपी के पिता का नाम मारपल्ली श्रीनिवास है और वह तेलंगाना राज्य के संगारेड्डी ज़िले के ज़हीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीपुर का निवासी है।


रिज़ॉर्ट का बाथरूम और एक अनसुलझी मौत: मुस्कान की कहानी में क्या है सस्पेंस?

राजनांदगांव।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में एक रिज़ॉर्ट के भीतर 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 

पुलिस के मुताबिक़, भिलाई की रहने वाली मुस्कान तिवारी अपने कुछ दोस्तों के साथ मनगटा वन चेतना केंद्र स्थित एक रिज़ॉर्ट में रुकी हुई थीं। गुरुवार सुबह वो रिज़ॉर्ट के बाथरूम में अचेत अवस्था में पाई गईं। युवती को उनके एक परिचित द्वारा तुरंत राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मुस्कान तिवारी भिलाई-3 नगर निगम क्षेत्र की निवासी थीं। वो बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए मनगटा के इस रिज़ॉर्ट में पहुँची थीं। मुस्कान के दोस्तों में साथ पुरुष मित्र भी थे। 

गुरुवार सुबह क़रीब 6 बजे जब मुस्कान बाथरूम गईं, तो वहाँ अचानक गिर पड़ीं और मूर्छित हो गईं। इसके बाद आशुतोष साहू नाम के एक युवक उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचे।

अस्पताल में डॉ. विवेक ने युवती की जाँच की और उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। शुरुआती जाँच में डॉक्टरों का कहना है कि युवती के शरीर पर कहीं भी चोट के बाहरी निशान नहीं मिले हैं।

पुलिस की जाँच जारी

इस मामले में सोमनी थाना पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। पुलिस रिज़ॉर्ट के संचालक और वहाँ मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

सीएसपी अलेक्जेंडर किरो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फ़िलहाल, पुलिस युवती के साथ रिज़ॉर्ट में मौजूद दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जाँच की जा रही है।

कोल वाशरी के खिलाफ गांव एकजुट, 19 जून की जनसुनवाई रोकने की मांग

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के नागरिकों ने कल शुक्रवार 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से पर्यावरण, कृषि, वन्यजीव, शिक्षा और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अमाली में कोल वाशरी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर परियोजना प्रस्तावित है, उसे मूल रूप से कृषि कार्य के लिए खरीदा गया था, लेकिन अब उसका उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे नियमों के विपरीत बताया है।

विरोध कर रहे लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि अमाली संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र है, जहां पेसा अधिनियम लागू है। उनका कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत को विशेष अधिकार प्राप्त हैं और उनकी सहमति के बिना इस तरह की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल वाशरी स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक शासकीय महाविद्यालय संचालित होता है। उनका दावा है कि परियोजना शुरू होने पर धूल और प्रदूषित पानी का असर आसपास की कृषि भूमि और शैक्षणिक वातावरण पर पड़ सकता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी आपत्तियों का परीक्षण होने तक 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित की जाए। इस संबंध में परियोजना कंपनी या जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 


थार को लेकर सड़क पर बवाल! कारोबारी के बेटे से बीच सड़क मारपीट

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेज रफ्तार से वाहन चलाने को लेकर सड़क पर विवाद का मामला सामने आया है। इस घटना में होटल कारोबारी और कथित शराब घोटाले के आरोपी नितेश पुरोहित के बेटे आर्यन पुरोहित के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मोतीबाग इलाके की है। बताया जा रहा है कि आर्यन पुरोहित अपनी थार गाड़ी चला रहे थे। आरोप है कि उन्होंने तेज रफ्तार में कई दोपहिया वाहनों को ओवरटेक किया और इसी दौरान एक बाइक से वाहन की टक्कर हो गई।

टक्कर के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने गाड़ी रुकवाई। इसके बाद आर्यन पुरोहित और बाइक सवारों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। घटना के दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान आर्यन पुरोहित ने अपने प्रभावशाली परिचितों का हवाला देते हुए दबाव बनाने की कोशिश की और पुलिस बुलाने की बात कही। वहीं, आर्यन पुरोहित का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और गाली-गलौज की।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं।

राजधानी रायपुर में तेज रफ्तार से वाहन चलाने को लेकर सड़क पर विवाद का मामला सामने आया है। इस घटना में होटल कारोबारी और कथित शराब घोटाले के आरोपी के बेटे आर्यन पुरोहित के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  



'फैमिली ट्रिप' नहीं, निकली गांजा तस्करी! पुलिस ने 8 लाख का माल पकड़ा

रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने 15.431 किलोग्राम गांजा जब्त करने और एक कथित अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस मामले में एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके साथ मौजूद एक नाबालिग बालिका को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 जून को टिकरापारा थाना क्षेत्र के भाठागांव बस स्टैंड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के पास कुछ लोगों के बड़ी मात्रा में गांजा लेकर मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर एक पुरुष, एक महिला और एक नाबालिग को हिरासत में लिया।

तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग से 15.431 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब आठ लाख रुपये बताई है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में गिरफ्तार दंपति ने बताया कि उनके साथ मौजूद नाबालिग उनकी रिश्तेदार नहीं है। आरोप है कि पुलिस जांच के दौरान संदेह से बचने के लिए उसे परिवार का सदस्य बताकर साथ रखा गया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हंसराज (38) और उनकी पत्नी सोनिया गुज्जर उर्फ सोनू (27) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रहे थे। नाबालिग की पहचान किशोर न्याय अधिनियम के तहत सार्वजनिक नहीं की गई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी। मामले में संभावित अंतर्राज्यीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।


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