प्रतिबंधित कोडीन सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार, 249 शीशी जब्त

रायपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गुढ़ियारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कोडीन युक्त नशीली सिरप के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 249 शीशी कोडीन सिरप, जिसकी कुल मात्रा लगभग 25 लीटर है, बरामद की गई है। साथ ही एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.40 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (आईपीएस) के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि झाबक पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली सिरप बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा तथा थाना गुढ़ियारी पुलिस की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल कुमार साहू (33 वर्ष) निवासी मंगलवाड़ा, थाना चरौदा, जिला दुर्ग बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से 249 शीशी कोडीन युक्त प्रतिबंधित नशीली सिरप बरामद हुई। पुलिस द्वारा वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नशीली सिरप और एक मोबाइल फोन जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में बैकएंड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

प्रेम विवाह की सजा: 11 साल से सामाजिक बहिष्कार झेल रहा परिवार, जीते जी कर दिया मृत घोषित

कोरबा/पाली। डिजिटल इंडिया, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों की बात करने वाले आधुनिक भारत में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती और उनके परिवार को पिछले 11 वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है।

ग्राम पोड़ी, थाना पाली निवासी अशोक कुमार प्रजापति ने 4 जुलाई 2015 को मनीषा कंवर से प्रेम विवाह किया था। दोनों बालिग थे और कानूनन विवाह पूरी तरह वैध था। लेकिन अंतरजातीय विवाह होने के कारण समाज के कुछ लोगों ने पंचायत बुलाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। तब से लेकर आज तक परिवार को समाज से अलग-थलग रखा गया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें शादी-ब्याह, तीज-त्योहार, सामाजिक कार्यक्रमों और यहां तक कि पारिवारिक संबंधों से भी दूर कर दिया गया। आवेदन में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि समाज के लोगों ने उनका "मृत्युभोज" तक कर लिया, जबकि वे जीवित हैं। यह आरोप न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा भी दर्शाता है।

परिवार का कहना है कि बहिष्कार के कारण वे सामान्य सामाजिक जीवन नहीं जी पा रहे हैं। उन्हें अपने रिश्तेदारों और समाज के लोगों से मिलने-जुलने तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि समाज में दोबारा शामिल करने के लिए आर्थिक मांगें की गईं।

करीब 11 वर्षों तक सामाजिक उपेक्षा सहने के बाद अशोक कुमार प्रजापति ने 29 मई 2026 को थाना पाली और एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने और सामान्य जीवन जीने का अवसर दिलाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संविधान प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है। वहीं सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं न केवल मानवाधिकारों के विरुद्ध हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को भी चुनौती देती हैं।

अब यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बन गया है जो आज भी जातीय और सामाजिक बंधनों के नाम पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ समाज को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता है कि क्या प्रेम और वैधानिक विवाह की सजा किसी परिवार को वर्षों तक सामाजिक रूप से मृत घोषित कर देना हो सकती है।


प्रेम प्रसंग के बाद किया विश्वासघात, दुष्कर्म के आरोप में युवक जेल भेजा गया

बिलासपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में मस्तुरी पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी और पीड़िता के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था।

पुलिस के अनुसार 5 जून को पीड़िता ने थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि ग्राम खोरसी निवासी खिलावन सोनी से उसकी पहचान थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। आरोपी लगातार उससे शादी करने का वादा करता रहा।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसके माता-पिता और अन्य परिजन मजदूरी के लिए बाहर जाते थे, तब आरोपी उसके घर पहुंचकर शादी का भरोसा दिलाते हुए जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। बाद में 1 मई को आरोपी उसे बहला-फुसलाकर रायपुर स्थित अपनी बहन के किराए के मकान में भी ले गया।

युवती की शिकायत पर मस्तुरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 343/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी खिलावन सोनी (33 वर्ष), निवासी ग्राम खोरसी, थाना मस्तुरी को उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने घटना को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 6 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है।


सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त हुई पुलिस, POS मशीन और ITMS पर विशेष बैठक


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस लगातार प्रयासरत है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा, जनजागरूकता और सख्त प्रवर्तन के माध्यम से सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

इसी कड़ी में एसएसपी रजनेश सिंह की उपस्थिति में यातायात विभाग के समस्त स्टाफ तथा विभिन्न थानों के विवेचकों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीओएस मशीनों के अद्यतन डिजिटल अपडेट, आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन, बॉडी वॉर्न कैमरा सहित अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग और चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा ट्रैफिक एजुकेशन, ट्रैफिक इंजीनियरिंग, ट्रैफिक एनफोर्समेंट और ट्रैफिक इमरजेंसी सर्विस के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद कई वाहन चालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

यातायात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने, तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने, सिग्नल जंपिंग, नो-पार्किंग, मॉडिफाइड साइलेंसर और नो-एंट्री उल्लंघन जैसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा निर्धारित लेन और गति सीमा का पालन करते हुए सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि सड़क पर आपकी सावधानी न केवल आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि अन्य लोगों की जान भी बचाती है। 


पहले शादी का झांसा देकर लूटी आबरू, फिर अश्लील वीडियो से करने लगा ब्लैकमेल

रायगढ़।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर लगाम कसने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में 'अभियान संवेदना' चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस महिला संबंधी शिकायतों और लैंगिक अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ के महिला थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

शादी का झांसा देकर किया शोषण, अश्लील वीडियो से करता रहा ब्लैकमेल

पहले मामले में 16 वर्षीय एक नाबालिग के पिता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ढिमरापुर निवासी 25 वर्षीय आरोपी विकास नामदेव का पीड़िता के घर आना-जाना था। परिवार के बीच यह बात तय हुई थी कि बालिग होने पर दोनों की शादी करा दी जाएगी। इसी का फायदा उठाकर मार्च 2024 में विकास ने नाबालिग को अपने घर ले जाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार विवाह का आश्वासन देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे अपने प्रभाव में रखने लगा।

तंग आकर पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित एक्शन लिया और धारा 65(1) बीएनएस तथा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला (अपराध क्रमांक 55/2026) दर्ज कर आरोपी विकास को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अपराध कुबूल करने के बाद उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। 

आधी रात घर से अगवा कर 15 वर्षीय किशोरी से दरिंदगी

दुष्कर्म का दूसरा मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। यहां 2 जून 2026 की रात 15 वर्षीय किशोरी अपने परिवार के साथ सो रही थी। देर रात जब मां की आंख खुली तो बेटी बिस्तर से गायब मिली। परिजनों ने रातभर आसपास तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह किशोरी 26 वर्षीय आरोपी अभिनेश चौहान के घर पर बदहवास हालत में मिली।

पीड़िता ने परिजनों को बताया कि रात करीब 11:30 बजे अभिनेश उसे जबरन अपने घर ले गया था और कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। सहमे हुए परिवार ने सलाह-मशविरा करने के बाद 5 जून को महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने तत्परता दिखाते हुए धारा 137(2), 65(1) बीएनएस के तहत अपराध (क्रमांक 56/2026) दर्ज कर आरोपी अभिनेश चौहान को तत्काल गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि 'अभियान संवेदना' के तहत महिला संबंधी अपराधों में इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर कठोर और त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती रहेगी।

क्रिकेट सट्टे से कमाए करोड़ों, फिर खरीदे हीरे-सोने के जेवर! मास्टरमाइंड की लग्जरी लाइफ का ऐसे हुआ अंत

दुर्ग/भिलाई।  TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी और रणनीतिक कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हर महीने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन कर रहे थे। मुख्य सरगना पुलिस से बचने के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 लाख रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दर्जनों एटीएम और सिम कार्ड बरामद किए हैं।

छावनी पुलिस की सटीक मुखबिरी और नागपुर में दबिश

भिलाई के छावनी थाना पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि सुभाष चौक निवासी 29 वर्षीय निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से छिपकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का कारोबार कर रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निशांत को हिरासत में लिया। उसके मोबाइल और गैजेट्स की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी ने कुबूल किया कि वह "C-B. Cricket Buzz Betting App" और "RubyBet" नामक प्लेटफॉर्म का आईडी संचालक है। पुलिस की रडार से बचने के लिए उसने नागपुर में एक किराए का मकान लिया हुआ था, जहां से वह अपना 'कंट्रोल रूम' चला रहा था। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर में छापा मारा और सट्टा ऑपरेट करते हुए 8 अन्य युवकों को रंगे हाथों दबोच लिया।

यूपी-बिहार के युवाओं का था नेटवर्क

नागपुर से गिरफ्तार किए गए सभी 8 युवक उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। मास्टरमाइंड निशांत ने इन युवाओं को 20 से 25 हजार रुपये की मासिक सैलरी का लालच देकर संगठित रूप से इस अवैध धंधे में उतारा था। ये लोग फर्जी खातों में पैसे मंगाने, ट्रांसफर करने और आईडी मैनेजमेंट का तकनीकी काम संभालते थे। गिरोह रोजाना 4 से 5 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन कर रहा था।

फर्जी बैंक खाते और 85 एटीएम कार्ड का खेल

इस काले धंधे में धन को छिपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए दूसरों के दस्तावेजों पर लिए गए फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल हो रहा था। पुलिस ने मौके से 85 एटीएम कार्ड, 45 सिम कार्ड, 18 पासबुक, 26 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप बरामद किए हैं। ऑनलाइन सट्टे की रकम को परत-दर-परत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। फर्जीवाड़े के इस सुनियोजित खेल को देखते हुए आरोपियों पर बीएनएस (BNS) और टेलीकॉम एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

सट्टे की कमाई से खरीदे 23 लाख के हीरे-जेवरात

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि निशांत ने सट्टे की अवैध कमाई से हीरे और सोने के महंगे जेवर खरीदे थे। इन जेवरों को उसने भिलाई के पावर हाउस स्थित महावीर ज्वेलर्स के पास 10 महीने पहले गिरवी रख दिया था। पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए लगभग 15 तोला सोना और डायमंड के इन आभूषणों को विधिवत जब्त कर लिया है, जिनकी बाजार कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है।

ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे:

इस पूरी कार्रवाई में मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता (भिलाई) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रहने वाले अखिलेश यादव, पंकज यादव, आशीष जायसवाल, विशाल पटेल, शिवम चौहान, जयहिंद यादव तथा बिहार निवासी वेचन मुखिया और भागीरथ राम को गिरफ्तार किया गया है। दुर्ग पुलिस अवैध वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। 


बदली जिंदगी की राह, छात्रा को शिक्षा और किसान को खेती के लिए मदद


बिलासपुर । 
TODAY छत्तीसगढ़  / आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन को बेहतर बनाने की राह तलाश रहे दो परिवारों के लिए सुशासन शिविर नई उम्मीद लेकर आया। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से छात्रा कुमारी शशि साहू को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग मिला, वहीं किसान बहोरन लाल कौशिक को खेती-किसानी के लिए ऋण सहायता प्राप्त हुई। शासन की योजनाओं से मिली इस मदद ने न केवल उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा किया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास भी दिया।   

  तखतपुर विकासखण्ड के गनियारी में आयोजित सुशासन शिविर में रानीपारा निवासी कुमारी शशि को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। कुमारी शशि ने बताया कि उनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। योजना के तहत मिली सहायता राशि से उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से बेटियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने में मदद मिल रही है। गनियारी के श्री बहोरन लाल कौशिक को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से 36 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि वे इस ऋण राशि का उपयोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में करेंगे, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करना आसान हो जाता है। बहोरन लाल ने शासन की किसान हितैषी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में लाभान्वित हितग्राहियों ने शासन द्वारा संचालित योजनाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com