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क्रिकेट सट्टे से कमाए करोड़ों, फिर खरीदे हीरे-सोने के जेवर! मास्टरमाइंड की लग्जरी लाइफ का ऐसे हुआ अंत

नागपुर से चल रहा था करोड़ों के सट्टे का काला कारोबार, यूपी-बिहार के 8 गुर्गों के साथ सरगना गिरफ्तार

दुर्ग/भिलाई।  TODAY छत्तीसगढ़  /  दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी और रणनीतिक कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हर महीने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन कर रहे थे। मुख्य सरगना पुलिस से बचने के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 लाख रुपये के सोने और हीरे के आभूषणों सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दर्जनों एटीएम और सिम कार्ड बरामद किए हैं।

छावनी पुलिस की सटीक मुखबिरी और नागपुर में दबिश

भिलाई के छावनी थाना पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि सुभाष चौक निवासी 29 वर्षीय निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से छिपकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का कारोबार कर रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निशांत को हिरासत में लिया। उसके मोबाइल और गैजेट्स की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी ने कुबूल किया कि वह "C-B. Cricket Buzz Betting App" और "RubyBet" नामक प्लेटफॉर्म का आईडी संचालक है। पुलिस की रडार से बचने के लिए उसने नागपुर में एक किराए का मकान लिया हुआ था, जहां से वह अपना 'कंट्रोल रूम' चला रहा था। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर में छापा मारा और सट्टा ऑपरेट करते हुए 8 अन्य युवकों को रंगे हाथों दबोच लिया।

यूपी-बिहार के युवाओं का था नेटवर्क

नागपुर से गिरफ्तार किए गए सभी 8 युवक उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। मास्टरमाइंड निशांत ने इन युवाओं को 20 से 25 हजार रुपये की मासिक सैलरी का लालच देकर संगठित रूप से इस अवैध धंधे में उतारा था। ये लोग फर्जी खातों में पैसे मंगाने, ट्रांसफर करने और आईडी मैनेजमेंट का तकनीकी काम संभालते थे। गिरोह रोजाना 4 से 5 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन कर रहा था।

फर्जी बैंक खाते और 85 एटीएम कार्ड का खेल

इस काले धंधे में धन को छिपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए दूसरों के दस्तावेजों पर लिए गए फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल हो रहा था। पुलिस ने मौके से 85 एटीएम कार्ड, 45 सिम कार्ड, 18 पासबुक, 26 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप बरामद किए हैं। ऑनलाइन सट्टे की रकम को परत-दर-परत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। फर्जीवाड़े के इस सुनियोजित खेल को देखते हुए आरोपियों पर बीएनएस (BNS) और टेलीकॉम एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

सट्टे की कमाई से खरीदे 23 लाख के हीरे-जेवरात

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि निशांत ने सट्टे की अवैध कमाई से हीरे और सोने के महंगे जेवर खरीदे थे। इन जेवरों को उसने भिलाई के पावर हाउस स्थित महावीर ज्वेलर्स के पास 10 महीने पहले गिरवी रख दिया था। पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए लगभग 15 तोला सोना और डायमंड के इन आभूषणों को विधिवत जब्त कर लिया है, जिनकी बाजार कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है।

ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे:

इस पूरी कार्रवाई में मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता (भिलाई) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रहने वाले अखिलेश यादव, पंकज यादव, आशीष जायसवाल, विशाल पटेल, शिवम चौहान, जयहिंद यादव तथा बिहार निवासी वेचन मुखिया और भागीरथ राम को गिरफ्तार किया गया है। दुर्ग पुलिस अवैध वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। 


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