ACB का जाल: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया RTO का बाबू


रायपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  राजधानी रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पदस्थ एक बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी वाहन का नाम ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। 

एसीबी के अनुसार, संतोषी नगर निवासी वीर सिंह ठाकुर ने शिकायत की थी कि उसने चोला मण्डलम से वित्तपोषित चारपहिया वाहन अशोक लीलैंड खरीदा है। वाहन के नामांतरण के लिए वह आरटीओ कार्यालय पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सहायक प्रोग्रामर शोभा राम देवांगन से हुई। आरोप है कि देवांगन ने नाम ट्रांसफर करने के लिए 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, जिसमें से 3 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे। शेष राशि देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाया गया। बातचीत के दौरान आरोपी ने 15 हजार की जगह 14 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई। एसीबी टीम ने 10 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को 14 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या का आरोपी चिरमिरी से 8 दिन बाद गिरफ्तार


अंबिकापुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर में महिला से दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने आठ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोरिया जिले के चिरमिरी क्षेत्र से पकड़ा गया है। उसे पकड़ने के लिए सरगुजा पुलिस की टीम रवाना हो गई है।

पुलिस के अनुसार, 2-3 अप्रैल की रात आरोपी ने महामाया द्वार के समीप फुटपाथ पर महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से आरोपी फरार था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही थी। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई थी। बताया गया कि आरोपी पहले से महिला के संपर्क में था और दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे।

ये था पूरा मामला - महामाया द्वार के पास मिला महिला का गला रेतकर हत्या, चेहरा कुचला—दरिंदगी की आशंका 

घटना के बाद सरगुजा पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस महानिरीक्षक स्तर से 30 हजार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई थीं, वहीं विभिन्न थानों में उसका फोटो और स्केच भी भेजा गया था। सूचना के आधार पर आरोपी को चिरमिरी क्षेत्र में पकड़ लिया गया। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 


562 वन्यजीवों की मौत पर उठे सवाल, जानकारी देने से विभाग का इंकार


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत का मामला अब सवालों के घेरे में आ गया है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध कराई गई जानकारी में अंतर सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है।

विधानसभा में विधायक शेषराज हरवंश के प्रश्न के उत्तर में वन विभाग ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच 9 बाघ, 38 हाथी सहित कुल 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत की जानकारी दी थी। हालांकि, रायपुर निवासी नितिन सिंघवी द्वारा मांगी गई जानकारी को वन विभाग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(क) का हवाला देते हुए देने से इंकार कर दिया। विभाग का कहना है कि यह जानकारी वन्यप्राणी सुरक्षा, प्रबंधन रणनीति और शासन हित में गोपनीय है।

आंकड़ों में अंतर से बढ़ा विवाद

सिंघवी के अनुसार, विधानसभा में 38 हाथियों की मौत बताई गई, जबकि RTI में 36 का आंकड़ा दिया गया। इसी तरह 9 बाघों की मौत के बजाय एंटी-पोचिंग डेटा में केवल 2 बाघों के शिकार की जानकारी सामने आई। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी वन्यजीवों की मौत कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई—यह जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही।

RTI कानून पर उठे सवाल

सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(क) राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़ी सूचनाओं को गोपनीय रखने की अनुमति देती है। लेकिन सिंघवी का कहना है कि जो जानकारी विधानसभा में सार्वजनिक की जा चुकी है, उसे आम नागरिकों से छिपाना समझ से परे है।

🐾 “शिकारगढ़” बनने का आरोप

सिंघवी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में वन्यजीवों का संरक्षण कमजोर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि 16 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 6 तेंदुओं की खाल जब्त की गई, जिससे हालिया शिकार की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा दंतेवाड़ा में एक बाघ की खाल जब्त होने का भी मामला सामने आया है।

 बड़ा सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

👉 जो जानकारी विधानसभा में सार्वजनिक है, वह RTI में गोपनीय कैसे हो गई?

👉 क्या विभाग किसी बड़ी लापरवाही को छिपा रहा है?

👉 वन्यजीव संरक्षण की वास्तविक स्थिति क्या है?

कोनी कुक्कुट क्षेत्र में बर्ड फ्लू नियंत्रण में, 3 माह तक सख्ती बरकरार


बिलासपुर।  
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1) संक्रमण की पुष्टि के बाद की गई व्यापक कार्रवाई और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के लिए सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे।

संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा ने बताया कि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में निशाद भोपाल द्वारा पक्षियों की जांच के बाद बर्ड  फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके पश्चात संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायपुर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म को पूर्णतः खाली कराया गया।संक्रमित क्षेत्र में मौजूद पक्षियों, अंडों, दाना एवं अन्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट से व्यापक सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन कार्य किया गया, जिससे संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

       निर्धारित मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। अब क्षेत्र में पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP) के तहत लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक 15 दिनों में नमूना परीक्षण किया जाएगा और चार चरणों तक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित माना जाएगा।डॉक्टर तंवर ने स्पष्ट किया है कि सर्विलांस जोन के भीतर और 10 किलोमीटर की परिधि में पक्षियों एवं उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं, संक्रमित केंद्र (0-1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और विक्रय पर पूर्ण रोक लागू रहेगी। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी कुक्कुट पालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन करें तथा पक्षियों की असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दें। प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक ओर संक्रमण पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सतर्कता बरती जा रही है।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com