ईमेल से हाई कोर्ट को उड़ाने की धमकी, कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील


बिलासपुर।
   TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी बुधवार को मिली, जिसके बाद अदालत की कार्यवाही एहतियातन रोक दी गई और पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, यह ईमेल उस समय मिला जब मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य न्यायाधीश अपने-अपने कोर्ट रूम में मामलों की सुनवाई कर रहे थे। ईमेल मिलने के बाद अदालत प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सुनवाई अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई। हाईकोर्ट से जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमों ने उच्च न्यायालय परिसर, कोर्ट रूम, बार रूम, रजिस्ट्रार कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सघन तलाशी ली। 

एसएसपी के मुताबिक़ ईमेल कहाँ से आया, किसने किया ऐसे तमाम माध्यम का पता लगाने के लिए साइबर टीम पड़ताल कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। हालांकि इस तरह के ईमेल कुछ समय पहले भी भेजे गये जिसमें स्थानीय अदालतों को बम के जरिये उड़ाने की धमकी दी गई थी। 

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नए बजट से शहर से गांव तक विकास को मिलेगी नई रफ्तार – साव


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज विधानसभा में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत श्री विष्णु देव साय सरकार के तीसरे बजट को राज्य के विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला बजट बताया है। उन्होंने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम जिस संकल्प को लेकर सरकार में आए हैं, यह बजट ठीक उसी के अनुरूप है। छत्तीसगढ़ को हमने बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे। छत्तीसगढ़ को संवारने का यह बजट एक-एक क्षेत्र, एक-एक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का बजट है। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट हर क्षेत्र और हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें अनेक नई योजनाओं और नवाचारी प्रावधानों को शामिल किया गया है। राज्य के शहरों को आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना’ का प्रावधान किया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़क अधोसंरचना को नई गति देने के लिए ‘द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना’ भी इसमें शामिल है। इन योजनाओं से शहरी विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

श्री साव ने कहा कि नया बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगा और युवाओं, किसानों, महिलाओं तथा व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास सुनिश्चित करना है जिससे हर नागरिक को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का मूल संकल्प है और यह बजट उसी दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम है। प्रदेश के लोगों के विश्वास और अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए सरकार आगामी वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज करेगी। प्रदेशवासियों के कल्याण और समग्र विकास को केंद्र में रखकर यह बजट तैयार किया गया है।

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रंगों की होली: राज्य की सभी देशी और विदेशी मदिरा दुकानें रहेंगी बंद


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि उमंग, उल्लास और सामाजिक मेल-मिलाप का प्रतीक है। लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ में होली का रंग कुछ अलग तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले जब राज्य सरकार द्वारा तीन ‘ड्राई डे’ समाप्त करने की खबर सामने आई थी, तब यह खबर जितनी अखबारों और सोशल मीडिया की सुर्खियों में रही, उससे कहीं अधिक उत्साह शराब के शौकीनों के बीच देखा गया। खासतौर पर जब यह स्पष्ट हुआ कि इस सूची में होली जैसे बड़े त्योहार का नाम भी शामिल है, तब कई लोगों ने यह मान लिया था कि इस बार की होली पहले से अधिक ‘रंगीन’ और ‘नशीली’ होगी।

गांवों की चौपालों से लेकर शहरों के क्लबों और होटलों तक, यह चर्चा आम हो गई थी कि इस बार त्योहार के दिन भी शराब की दुकानें खुली रहेंगी। कई लोगों ने तो अपनी योजनाएं भी इसी हिसाब से बनानी शुरू कर दी थीं। लेकिन जैसे-जैसे इस फैसले पर सामाजिक और नैतिक स्तर पर सवाल उठने लगे, सरकार ने भी इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझा। त्योहार केवल व्यक्तिगत आनंद का अवसर नहीं होता, बल्कि वह समाज की सामूहिक चेतना और परंपराओं का भी प्रतीक होता है। यही कारण है कि अंततः राज्य सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया और एक नया आदेश जारी कर दिया। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने X हेंडल पर ट्वीट किया है। 

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, 4 मार्च 2026 को होली के दिन पूरे प्रदेश में ‘शुष्क दिवस’ (Dry Day) घोषित किया गया है। इस दिन राज्य की सभी देशी और विदेशी मदिरा दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट-बार और क्लब पूरी तरह बंद रहेंगे। महानदी भवन से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल शराब दुकानें ही नहीं, बल्कि भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह फैसला केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि त्योहार की मूल भावना को संरक्षित रखने का प्रयास भी माना जा रहा है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी क्लब, स्टार होटल या गैर-मालिकाना प्रतिष्ठानों में मदिरा परोसने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रशासन ने इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए उड़नदस्तों को सक्रिय कर दिया है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि अवैध परिवहन, बिक्री या भंडारण की सघन जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस आदेश को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता से लागू करना चाहती है।

वर्दी के साए में पले सपनों की उड़ान: जब पुलिस परिवार की बेटियों ने रचा सफलता का नया इतिहास


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /   वर्दी केवल कर्तव्य का प्रतीक नहीं होती, वह त्याग, अनुशासन और अनगिनत अधूरे पारिवारिक पलों की भी साक्षी होती है। दिन-रात की ड्यूटी, त्योहारों पर घर से दूर रहना, और हर समय जिम्मेदारियों का बोझ, यह सब पुलिसकर्मियों के जीवन का हिस्सा होता है। लेकिन इन्हीं कठिन परिस्थितियों के बीच, जब उनके बच्चे अपने सपनों को साकार करते हैं, तो वह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार की सामूहिक जीत बन जाती है। बिलासपुर में ऐसा ही एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब सामने आया, जब विशेष शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा की सुपुत्री कु. स्वाति पैकरा ने प्रथम प्रयास में ही सिविल जज बनकर न्यायपालिका में अपनी जगह बनाई।

यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि उस संघर्ष, अनुशासन और प्रेरणा की कहानी है, जो एक पुलिस परिवार के वातावरण में स्वाभाविक रूप से बच्चों के व्यक्तित्व में समाहित हो जाती है। स्वाति पैकरा बचपन से ही मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। उन्होंने डी.पी. विप्र कॉलेज, बिलासपुर से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और बिना किसी दूसरे प्रयास के सीधे न्यायिक सेवा में चयनित होकर यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां रास्ता नहीं रोक सकतीं।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग का व्यवहार केवल एक वरिष्ठ अधिकारी का नहीं, बल्कि एक संरक्षक और अभिभावक का था। जब स्वाति अपने पिता सतलोक साय पैकरा और जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप के साथ उनके कार्यालय पहुंचीं, तो वहां का माहौल औपचारिक कम और पारिवारिक अधिक था। श्री गर्ग ने स्वाति को पुष्पगुच्छ और स्मरणिका भेंट कर सम्मानित किया, मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जीवन की एक महत्वपूर्ण सीख भी दी कि जीवन में आने वाली हर चुनौती का सामना ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना ही सच्ची सफलता का मार्ग है।

उस क्षण की सबसे मार्मिक तस्वीर वह थी, जब प्रधान आरक्षक सतलोक साय पैकरा अपनी बेटी को आईजीपी के हाथों सम्मानित होते देख भावुक हो उठे। एक पिता के लिए यह क्षण केवल गर्व का नहीं, बल्कि उन वर्षों की मेहनत और त्याग का प्रतिफल था, जब उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों के बीच अपनी बेटी के सपनों को पंख देने का प्रयास किया।

इसी तरह की एक और प्रेरणादायक कहानी प्रधान आरक्षक (चालक)  उमाकांत कौशिक और श्रीमती मंदाकिनी कौशिक की सुपुत्री कु. संध्या कौशिक की है। संध्या ने न केवल कक्षा 12वीं में प्रदेश में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए, बल्कि नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सिम्स, बिलासपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। अपनी असाधारण प्रतिभा और समर्पण के बल पर उन्होंने एमबीबीएस के दौरान कुल पांच गोल्ड मेडल प्राप्त किए, जिनमें आप्थैल्मोलॉजी में सर्वोच्च अंक के लिए गोल्ड मेडल, डॉ. रमेश चन्द्र तिवारी मेमोरियल धन्वंतरि गोल्ड मेडल और डॉ. श्रुति चंद्राकर मेमोरियल गोल्ड मेडल शामिल हैं। वर्तमान में संध्या कौशिक केयर हॉस्पिटल, हैदराबाद में रेडियोलॉजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं, जो उनके निरंतर आगे बढ़ने के संकल्प का प्रमाण है।

इन दोनों बेटियों की उपलब्धियों पर पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने न केवल उन्हें सम्मानित किया, बल्कि उनके अभिभावकों को भी बधाई देते हुए कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे सीमित समय और संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा और परिश्रम से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग हमेशा अपने परिवार के बच्चों की शिक्षा और करियर को प्रोत्साहित करने के लिए तत्पर रहेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने भी स्वाति पैकरा और संध्या कौशिक की सफलता को पूरे पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जब पुलिसकर्मियों की बेटियां न्यायपालिका और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाती हैं, तो यह केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनता है।

जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) श्री अमित कुमार ने भी स्वाति और संध्या दोनों की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी है। यह सम्मान और शुभकामनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस विभाग अपने परिवार के हर सदस्य की सफलता को अपनी सफलता मानता है।

स्वाति पैकरा और संध्या कौशिक की कहानियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की कहानी नहीं हैं, बल्कि यह उन अनगिनत पुलिस परिवारों के संघर्ष, विश्वास और उम्मीदों की कहानी हैं, जो हर दिन कर्तव्य और परिवार के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करते हैं। यह सफलता बताती है कि वर्दी की सख्ती के पीछे एक संवेदनशील हृदय भी होता है, जो अपने बच्चों के सपनों को साकार होते देख गर्व और खुशी से भर उठता है।

आज जब स्वाति न्याय की कुर्सी की ओर बढ़ रही हैं और संध्या चिकित्सा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, तब यह केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग और समाज की जीत है। यह संदेश भी है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती—यदि संकल्प मजबूत हो, तो वर्दी की छाया में पले सपने भी आसमान को छू सकते हैं। 

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