रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन (हर घर नल) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ मिशन के क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन से महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्ययोजना तैयार की जाए और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से हर माह मिशन की प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं का 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, अधूरी योजनाओं को 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने को भी कहा।
मुख्य सचिव ने जल स्रोतों के संरक्षण और रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने के लिए जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने, नए जल स्रोतों की पहचान करने तथा आवश्यकता होने पर वैकल्पिक स्रोत विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता।
बैठक में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजना-वार वित्तीय विश्लेषण, रनिंग बिलों का समय पर भुगतान तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर योजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

