रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 50 किलोग्राम गांजा और दो लाख रुपये की नकदी बरामदगी से जुड़े मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गांजा तस्करी के नेटवर्क में सप्लायर और पैडलर के रूप में सक्रिय थे और कमीशन के बदले तस्करी में सहयोग करते थे।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनकी पूछताछ और तस्करी नेटवर्क के फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज की जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों मयूर राजेंद्र देसले (30), निवासी जळगांव (महाराष्ट्र) और अनुराग सोनी (29), निवासी धमतरी की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि मयूर राजेंद्र देसले ने गांजा तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई चारपहिया वाहन को पहले से गिरफ्तार आरोपियों को उपलब्ध कराया था। आरोप है कि इसके बदले वह कमीशन लेता था। वहीं अनुराग सोनी पर आरोप है कि वह पहले से गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर ओडिशा से गांजा लाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करता था और इसके एवज में कमीशन प्राप्त करता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक-एक मोबाइल फोन जब्त किया है। मामले में थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(सी) और 29 के तहत दर्ज अपराध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि पुलिस ने 14 फरवरी 2026 को सिविल लाइन क्षेत्र के केनाल रोड स्थित दुर्गा मंच के पीछे एक कार से 50 किलोग्राम गांजा और दो लाख रुपये नकद बरामद किए थे। उसी मामले की जांच के दौरान लगातार तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

