Slider

LATEST NEWS
Loading Latest News...

'मरीज पहले या अस्पताल की नीति?' कांग्रेस ने अपोलो प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल

अपोलो अस्पताल घिरा, कांग्रेस ने गिनाईं खामियां, 17 जुलाई को CEO से मांगा जवाब

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपोलो अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तीन महीने से अस्पताल की दोनों एम्बुलेंस बंद थीं और गंभीर मरीज को बिना मेडिकल स्टाफ के एयर एम्बुलेंस तक भेजा गया।
बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अपोलो अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात कर गंभीर मरीज राजकुमार अग्रवाल के उपचार, रेफरल प्रक्रिया और अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि अस्पताल की दोनों एम्बुलेंस पिछले करीब तीन महीने से बंद हैं और गंभीर मरीज को बिना डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ के निजी एम्बुलेंस से एयरपोर्ट भेजा गया।

कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि इतने संवेदनशील मामले में अस्पताल के सीईओ बैठक में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और वरिष्ठ चिकित्सकों से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने इसे अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल बताया।

कांग्रेस के मुताबिक, मरीज को हायर सेंटर भेजने के लिए परिजनों को निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ी। अस्पताल ने केवल निजी एम्बुलेंस संचालक का संपर्क उपलब्ध कराया, जबकि मरीज के साथ कोई डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ चकरभाठा एयरपोर्ट तक नहीं गया। एयरपोर्ट पहुंचने पर हैदराबाद से आई एयर एम्बुलेंस की मेडिकल टीम ने मरीज का ऑक्सीजन स्तर बेहद कम पाया, जिसके चलते तत्काल एयरलिफ्ट संभव नहीं हो सका और मरीज को वापस अस्पताल लाना पड़ा।

प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि एयर एम्बुलेंस को एक रात रोकने से करीब 2.5 लाख रुपये और अगले दिन विशेष मेडिकल टीम बुलाने पर करीब 7 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आया। इस तरह परिजनों पर लगभग 9.5 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। कांग्रेस के अनुसार, मरीज की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि गंभीर मरीज को सुरक्षित तरीके से हायर सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अस्पताल नहीं निभा सकता तो ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हाल के कथित फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट प्रकरण और आयुष्मान योजना के लाभ को लेकर मिल रही शिकायतों का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस ने घोषणा की कि 17 जुलाई को फिर अस्पताल प्रबंधन, विशेष रूप से सीईओ से जवाब मांगा जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि तीन महीने से दोनों एम्बुलेंस बंद रहने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई, गंभीर मरीज के साथ मेडिकल स्टाफ क्यों नहीं भेजा गया, परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ की जिम्मेदारी किसकी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

प्रतिनिधिमंडल में ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष ( शहर ) सिधांशू मिश्रा, पूर्ब विधायक शैलेश पांडेय,  पूर्ब ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष व बेलतरा से विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी, कांग्रेस नेता विजय पांडेय, राजेश पांडेय, प्रमोद नायक, राकेश शर्मा, समीर अहमद, जितेंद्र पांडेय, नरेंद्र बोलर , संतोष गर्ग, तजम्मुल हक, हितेश देवांगन, सकेश मिश्रा, सुनील सोनकर, अनिल यादव ,अजय यादव, लक्की मिश्रा, संदीप यादव, कमल कश्यप, शेर सिंह, विक्की यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

नोट: यह आरोप कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में अपोलो अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com
TODAY छत्तीसगढ़
लाइव मार्केट & सराफा