पुलिस के अनुसार, 54 वर्षीय मरीज दोनों फेफड़ों में निमोनिया (Bilateral Pneumonia), H1N1 संक्रमण, श्वसन विफलता (Respiratory Failure) और उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने एयर एंबुलेंस के जरिए हैदराबाद रेफर करने का निर्णय लिया था।
पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस ने तत्काल ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। कंट्रोल रूम से समन्वय कर पूरे रूट के ट्रैफिक सिग्नल अस्थायी रूप से बंद किए गए और प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई। बारिश के बावजूद जवान लगातार यातायात नियंत्रित करते रहे, जिससे एंबुलेंस को कहीं भी रुकना नहीं पड़ा।
यातायात पुलिस ने बताया कि पूर्व में भी जुड़वा नवजात शिशुओं को एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजने के लिए इसी तरह का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था, जिसके बाद दोनों बच्चों का सफल इलाज हुआ था।
इस दौरान आम नागरिकों ने भी सराहनीय सहयोग किया। सायरन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की आवाज सुनते ही वाहन चालकों ने स्वतः रास्ता खाली कर दिया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी बाधा के एयरपोर्ट पहुंच सकी। मरीज के परिजनों ने ट्रैफिक पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील पहल के लिए आभार जताया, वहीं पुलिस ने भी मरीज के शीघ्र स्वस्थ होकर लौटने की कामना की।

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