यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में फंसे घायलों के त्वरित रेस्क्यू के लिए अत्याधुनिक बैटरी संचालित हाइड्रोलिक उपकरणों का प्रशिक्षण शुरू किया है। अब हाईवे पेट्रोलिंग टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को तेजी से बाहर निकाल सकेगी।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, यातायात पुलिस के जवान और हाईवे पेट्रोलिंग टीम शामिल हुई।
प्रशिक्षण के दौरान हाइड्रोलिक कटर, स्प्रेडर, रेस्क्यू रैम सेट, स्ट्रॉन्ग आर्म, ग्लास मैनेजमेंट उपकरण सहित अन्य आधुनिक आपातकालीन मशीनों के संचालन और मानक प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी दी गई। इन उपकरणों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को काटकर अंदर फंसे चालक और यात्रियों को कम समय में सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।
यातायात पुलिस ने बताया कि जिले में पहले से हाईवे पेट्रोलिंग और इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अब इस नई तकनीक के जुड़ने से दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में राहत और बचाव कार्य और अधिक प्रभावी हो सकेगा।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में कहीं भी सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम या निकटतम थाना को सूचना दें, ताकि हाईवे पेट्रोलिंग टीम आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर घायलों की जान बचाने में मदद कर सके।

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