बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में हुई भारी बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसमी और संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गरेवाल ने शुक्रवार को आकस्मिक बैठक लेकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, शहरी स्वास्थ्य अधिकारी और कॉम्बेट टीमों के सदस्य शामिल हुए। सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मी विशेष निगरानी रखें और जरूरतमंद लोगों को तत्काल दवाइयां एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।
बैठक में बताया गया कि जिले में दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिला और विकासखंड स्तर पर 45 कॉम्बेट टीमों का गठन किया गया है। सभी पीएचसी प्रभारियों और टीम के सदस्यों को मोबाइल फोन चालू रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए 24×7 तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जोरापारा, चिंगराजपारा, चचुहियापारा, बंधवापारा, बसंत विहार, तिफरा सहित बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य टीमें लगातार भ्रमण कर आवश्यकतानुसार उपचार और दवाइयों की व्यवस्था करेंगी।
सीएमएचओ ने सभी पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों को दूषित भोजन और पानी से बचने, सड़ी-गली सब्जियां, फल, मांस एवं मछली का सेवन नहीं करने तथा खाद्य पदार्थों को ढंककर रखने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पाए जाने पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें, भोजन की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और बुखार, उल्टी-दस्त या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

