बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर में करीब 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। शहर के अधिकांश निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि रेल और सड़क यातायात भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीपत में सबसे अधिक 110.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश रातभर जारी रही, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर तक खत्म हो गया।
सबसे अधिक प्रभावित सरकंडा और चांटीडीह के निचले इलाकों से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोमुहानी में 10 से ज्यादा घर चारों ओर पानी से घिर गए, जहां परिवार पूरी रात फंसे रहे। वहीं अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी घुस गया।
लगातार जलभराव के कारण कई ट्रांसफॉर्मर डूब गए, जिससे शहर के कई हिस्सों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया, जहां नगर निगम की टीम जल निकासी में जुटी रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में लगी है। सरकंडा के बंधवापारा में नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। वहीं स्कूलों में एहतियात के तौर पर शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया।
बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड में ट्रैक पर पानी भरने से पांच मेमू ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि तीन ट्रेनों के मार्ग और संचालन में बदलाव किया गया।
सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिलासपुर–मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर सड़क के ऊपर चार से पांच फीट तक पानी बहने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं कोटमीसोनार स्थित लीलागर नदी के पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के कारण इस मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों और पानी से लबालब रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा केवल सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
लगातार हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई ट्रांसफॉर्मर जलमग्न होने से अधिकांश इलाकों में घंटों ब्लैकआउट रहा। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके और जलभराव, बिजली गुल रहने तथा पेयजल संकट के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


