रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में दंपति की हत्या कर शव जलाने के सनसनीखेज ब्लाइंड डबल मर्डर का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के जले हुए शव उनके घर के भीतर मिले थे। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान घटनास्थल पर मिली कथित हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध के आधार पर पुलिस डॉग रूबी ने एक संदिग्ध तक पहुंचने का संकेत दिया। वहीं पूछताछ में मृतक और संदिग्ध परिवार के बीच वर्षों पुराने भूमि विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट, ह्यूमन इंटेलिजेंस और पूछताछ के आधार पर श्याम लाल राठिया (32) और उसके भाई जीवन लाल राठिया (48) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई भूमि को लेकर उनके मन में मृतक के प्रति रंजिश थी। आरोप है कि 14 जुलाई की रात दोनों टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे और पहले मंगल राठिया तथा शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई पर टांगी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से शवों पर कपड़े और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के दो कमरों में भी आग लगा दी।
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद करने का दावा किया है।
इस मामले में धरमजयगढ़ थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल टीम, पुलिस डॉग रूबी और धरमजयगढ़ पुलिस के समन्वित प्रयास से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा संभव हो सका।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने सुनियोजित अपराध भी अधिक समय तक छिप नहीं सकते।

