बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / अपोलो अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जिला प्रशासन की मध्यस्थता में अस्पताल प्रबंधन और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, 24×7 एम्बुलेंस व्यवस्था को मजबूत करने और आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, आपातकालीन सेवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के उपचार से जुड़े मुद्दे उठाए। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने पात्र मरीजों के लिए आयुष्मान भारत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा हार्ट, किडनी, लंग्स, ब्रेन और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी योजना का लाभ देने की मांग रखी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 24 घंटे पूर्ण रूप से सुसज्जित एम्बुलेंस और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानियों तथा अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे प्रशासन और प्रबंधन के सामने रखे।
बैठक में अपोलो अस्पताल के यूनिट हेड (सीईओ) अभय गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल और जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा, स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे तथा पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में कैंसर मरीजों के लिए आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। वहीं हार्ट, किडनी, लंग्स, ब्रेन और न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी योजना का लाभ देने के लिए शीर्ष प्रबंधन से चर्चा कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
बैठक के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि मरीजों के हितों की रक्षा और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करना है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बैठक में दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर जनहित में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

