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3 लाख की कथित घूस का ऑडियो और रोती हुई महापौर... एक 'मीना बाज़ार' ने कैसे गरमा दी राजनीति ?

"आदिवासी महिला हूं, इसलिए रच रहे साज़िश..." कथित वायरल ऑडियो पर घिरीं महापौर का पलटवार

TODAY छत्तीसगढ़  /  उत्तरी छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा अचानक पिछले कुछ घंटो से गर्म है, वजह है एक आडियो का सोशल मीडिया में वायरल होना। 'मीना बाज़ार' लगाने की अनुमति के बदले तीन लाख रुपये की कथित रिश्वत से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चा का बाज़ार लगातार सवाल-जवाब से घिरा हुआ है। 

इस मामले में निशाने पर आईं महापौर मंजूषा भगत ने इस ऑडियो को पूरी तरह से फ़र्ज़ी बताते हुए अजाक (AJAK) थाने में शिकायत दर्ज़ कराई है. उन्होंने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ साज़िश रचने और छवि धूमिल करने के आरोप में एफ़आईआर (FIR) दर्ज़ करने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें कथित तौर पर मीना बाज़ार के आयोजन की अनुमति के लिए पैसों के लेन-देन की बात सुनी जा सकती है. विपक्षी दलों का दावा है कि इस ऑडियो में आवाज़ स्थानीय महापौर की है.

दूसरी ओर, विवाद बढ़ने के बाद महापौर मंजूषा भगत ने ख़ुद सामने आकर इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान भावुक होते हुए उन्होंने इस पूरी घटना को अपने ख़िलाफ़ रची गई एक राजनीतिक साज़िश क़रार दिया.

'मैं आदिवासी महिला हूं, इसलिए हो रहा है षड्यंत्र'

अपना पक्ष रखते हुए महापौर ने बताया कि 21 जून की शाम उन्हें किसी ने फ़ोन पर इस ऑडियो के वायरल होने की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसे सुना. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑडियो में उनकी आवाज़ नहीं है और उन्होंने कभी ऐसी कोई बात नहीं की है.

महापौर ने कहा, "मैं अब तक पांच बार चुनाव लड़ चुकी हूं, लेकिन मेरे राजनीतिक करियर में ऐसा षड्यंत्र पहली बार हुआ है. मैं एक आदिवासी महिला हूं, शायद इसीलिए मेरे साथ इस तरह की साज़िश की जा रही है." 

परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जताई चिंता

कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद से महापौर और उनका परिवार काफ़ी दबाव में है. उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव के कारण वह पिछले कई दिनों से ठीक से खाना-पीना भी नहीं कर पा रही हैं.

प्रशासन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "मेरे पति और पिता पहले से ही बीमार हैं. अगर इस मानसिक प्रताड़ना के कारण उन्हें या मुझे कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी यह फ़र्ज़ी ऑडियो वायरल करने वाले संबंधित व्यक्तियों की होगी."

सड़क पर उतरा विपक्ष, स्पीकर पर बजाया ऑडियो

कथित ऑडियो के सामने आने के बाद सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

विपक्षी दलों को इस मामले से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल गया है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल एफ़आईआर दर्ज़ कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है. इसी क्रम में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट चौक पर उग्र विरोध-प्रदर्शन किया और सड़क पर स्पीकर लगाकर उस कथित वायरल ऑडियो को सार्वजनिक रूप से बजाकर अपना विरोध दर्ज़ कराया.

फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाक़ी है.

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