मुम्बई। TODAY छत्तीसगढ़ / संगीत की दुनिया की मशहूर हस्ती आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया. 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थिच ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांसें लीं. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने यह दुखद खबर साझा करते हुए बताया कि उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके घर पर रखा जाएगा, और अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा.
वहीं ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण आशा भोसले का निधन हो गया. डॉ. समदानी ने बताया कि आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया. अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन कई अंगों के काम करना बंद करने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका.
14 भाषाओं में गाए 12000 गाने
लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को मोहित किया है. आशा भोसले का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है. उन्होंने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए, जिनमें फिल्मी गीतों के अलावा, पॉप, गजल, भजन से लेकर शास्त्रीय संगीत तक शामिल है. आशा भोसले ग्रैमी अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय गायिका थी. इसके अलावा उन्हें दादा साहेब फाल्के अवार्ड, पद्म विभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है.
इन गानों के लिए हमेशा याद की जाएंगी आशा भोसले
8 सितंबर, 1933 को जन्मी आशा ने बहुत कम उम्र में अपना करियर शुरू किया था और अपने पूरे करियर में हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती समेत कई भाषाओं में हज़ारों गानों को अपनी आवाज़ दी. आशा भोसले के टाइमलेस हिट्स की लिस्ट में पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, चुरा लिया है तुमने जो दिल को, झुमका गिरा रे, यह मेरा दिल, दिल चीज़ क्या है, ओ मेरे सोना रे, और इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं, जैसे क्लासिक गाने शामिल हैं.
संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण
आशा भोसले को पिछले कुछ सालों में उम्र के कारण स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि वे अभी भी काफी सक्रिय थीं और संगीत कार्यक्रमों में शामिल होती रहती थीं. उनके निधन की खबर सुनकर फिल्म और संगीत जगत में चिंता की लहर दौड़ गई है.
आशा भोसले के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘यह पूरे भारत और दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए शोक का क्षण है. उन्हें सबसे बहुमुखी कलाकार के रूप में जाना जाता था. संगीत के प्रति उनकी सेवा, मंगेशकर परिवार द्वारा संगीत के प्रति की गई सेवा… हमने लता दीदी का निधन देखा, और आज हम यह देख रहे हैं. हम सभी दुखी हैं… यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है; हम शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं.’ (साभार सोर्स / news 18)



