रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / महिला की शिकायत पर दर्ज एक प्रकरण में रायगढ़ पुलिस ने जेल में बंद आरोपी वसीम मोहम्मद को प्रोडक्शन वारंट के जरिए पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ महिला प्रताड़ना, राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल कथन और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पूछताछ और आवश्यक विवेचना के बाद उसे फिर से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, 29 मई 2026 को एक महिला ने महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके नाबालिग बेटे को "पाकिस्तान जिंदाबाद" और "हिंदुस्तान मुर्दाबाद" जैसे नारे सिखाए गए थे। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया था।
महिला की शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वसीम मोहम्मद पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा में है। उसे 25 मई 2026 को कथित तौर पर करीब छह किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था और वह एनडीपीएस एक्ट के मामले में जिला जेल रायगढ़ में बंद है।
जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ आवश्यक होने पर पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया। इसके बाद उसे एक दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया और आवश्यक पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को फिर से न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले मामलों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोपों से जुड़े मामलों में पुलिस साक्ष्य आधारित और कानून के अनुरूप कार्रवाई करेगी।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पुलिस के अनुसार हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

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