रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास पिंक पेट्रोल यूनिट की नियमित गश्त तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं, को सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पिंक पेट्रोल की सेंट्रल, नॉर्थ और वेस्ट जोन की टीमें प्रतिदिन विद्यालयों और महाविद्यालयों के खुलने तथा छुट्टी के समय अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। इस दौरान परिसर और उसके आसपास लगातार निगरानी रखी जाती है।
| पिंक पेट्रोल क्या कर रही है?
- स्कूल और कॉलेजों के बाहर नियमित गश्त
- छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
- संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और समझाइश
- आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई
- अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय
पुलिस का कहना है कि गश्त के दौरान स्कूल और कॉलेज के आसपास बिना कारण खड़े रहने, छात्राओं को असहज करने या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल वहां से हटाया जाता है। ऐसे लोगों को भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी भी दी जाती है। कुछ मामलों में सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने के उद्देश्य से समझाइश दी गई और उठक-बैठक जैसी कार्रवाई भी कराई गई।
रायपुर पुलिस के अनुसार, नियमित पुलिस उपस्थिति का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की है तथा छात्र-छात्राओं में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
पुलिस ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है। इसी दिशा में पिंक पेट्रोल यूनिट गश्त, जनजागरूकता और आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई भी कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि महिलाओं या बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
| अभियान का उद्देश्य
- छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना
- स्कूल-कॉलेजों के आसपास असामाजिक गतिविधियों पर रोक
- महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना
- पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत करना
- जनजागरूकता के साथ प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखना

