TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत कटघोरा वन मंडल से हाथियों के कुनबे का एक वीडियो सामने आया है. एतमानगर वन परिक्षेत्र के गुरसिया परिसर स्थित एक कृत्रिम तालाब में 16 हाथियों का एक दल एक साथ पानी में मौजूद दिखा.
यह वीडियो कटघोरा के वन मंडलाधिकारी (DFO) कुमार निशांत द्वारा जारी किया गया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
शावकों के साथ अठखेलियां करता दिखा दल
वन विभाग से मिली तकनीकी जानकारी के अनुसार, यह दृश्य गुरसिया परिसर के बांस प्लाट कक्ष क्रमांक P-456 में बने तालाब का है.
दल की संरचना: इस झुंड में वयस्क हाथियों के साथ-साथ छोटे शावक (बच्चे) भी शामिल हैं.
वन्यजीव प्रबंधन: मैदानी अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखकर जंगल के भीतर तैयार किए गए ये जल स्रोत (वाटर बॉडीज) वन्यजीवों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं. पानी की उपलब्धता के कारण वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करना भी कम होता है.
ग्रामीणों के लिए अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था
हाथियों की आमद को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षात्मक और एहतियाती कदम उठाए हैं:
सतत निगरानी: वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों और 'एलीफेंट ट्रैकर' दल द्वारा हाथियों की इस आवाजाही और गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है.
सुरक्षा अपील: वन विभाग ने आस-पास के ग्रामीण अंचलों के लोगों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले जंगलों और रास्तों की ओर अनावश्यक आवाजाही न करें. हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी प्रकार के मानव-हाथी द्वंद्व (Man-Elephant Conflict) या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के मुताबिक़, हाथियों के कुनबे की ऐसी तस्वीरें बिलासपुर और कोरबा के वनांचलों में वन्यजीवों के अनुकूल वातावरण और जल प्रबंधन के सकारात्मक संकेत देती हैं.
