पुलिस के मुताबिक़, इन चार अभियुक्तों के सरेंडर करने के बाद इस मामले में अब तक कुल आठ लोग पुलिस की गिरफ़्त में आ चुके हैं. वहीं, मामले में शामिल एक अन्य अभियुक्त अब भी फ़रार है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. मनेन्द्रगढ़ पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों को कोरिया पुलिस के हवाले करेगी जिसके बाद पूछताछ में कई बातों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैसे हुई थी घटना?
घटना 16 जून 2026 की रात सोनहत विकासखंड के नौगई इलाक़े में हुई थी. जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नौगई में भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की उनकी फॉर्च्यूनर कार के अंदर जलकर मौत हो गई थी ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो पक्षों में रेत व्यवसाय को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, विवाद के दौरान लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगा दी गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की लपटों में घिर गई और अंदर मौजूद भरत सिंह बाहर नहीं निकल सके। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए जिनमें से दो की उपचार के दौरान मौत हो गयी।
पुलिस का दबाव और सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्तों की पहचान मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी के रूप में हुई है.
पुलिस का कहना है कि लगातार पड़ रहे दबाव और पुलिस की सघन छापेमारी के कारण इन चारों ने ख़ुद क़ानून के सामने आत्मसमर्पण किया है. इससे पहले, शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने मामले से जुड़े चार अन्य लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था.
पुरानी रंजिश का अंदेशा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, प्रारंभिक जांच में इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य वजह बताई जा रही है. पुलिस अब सरेंडर करने वाले अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी साज़िश और इसमें शामिल लोगों की भूमिकाओं को स्पष्ट किया जा सके.
इस घटना के बाद से नौगई और उसके आस-पास के इलाक़ों में तनाव का माहौल है. मृतकों के परिजन और स्थानीय नागरिक अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई और जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं.
