भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़ / भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी कर अवैध रूप से संग्रहित करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स तथा एचआईए हथखोज क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान विभिन्न हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेटें, बीम और कटिंग सामग्री भरी हुई मिली। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से संग्रहित पाया गया।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा पिछले चार से पांच माह से योजनाबद्ध तरीके से भिलाई स्टील प्लांट से फ्लू डस्ट परिवहन के दौरान लौह स्क्रैप की चोरी की जा रही थी। चोरी किए गए स्क्रैप को ए.के. ट्रेडर्स परिसर में एकत्र कर अवैध रूप से बेचे जाने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से लगभग 250 टन वजनी लौह प्लेट, बीम कटिंग और अन्य लौह सामग्री जब्त की। साथ ही स्क्रैप के परिवहन एवं लोडिंग में प्रयुक्त कई वाहन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनरी भी कब्जे में ली गई। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंका गया है, जिसमें करीब 90 लाख रुपये मूल्य का लौह स्क्रैप शामिल है।
विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपी आकाश कुमार सिंह (29 वर्ष), निवासी जामुल तथा अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा (45 वर्ष), निवासी सेक्टर-2 भिलाई की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तथा आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में हाईवा, ट्रक, टाटा 1109, टाटा एस, जेसीबी, हाईड्रा सहित कई वाहनों को जब्त किया है। इसके अलावा डस्ट छानने में प्रयुक्त पांच लोहे की मशीनें और चेन माउंटिंग मशीन भी बरामद की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों का मुख्य उद्देश्य भिलाई स्टील प्लांट से लौह स्क्रैप चोरी कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करना था। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी, अवैध कारोबार अथवा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
