‘थ्री स्टम्प्स’ सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी मुंबई से गिरफ्तार

रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  ऑनलाइन सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर पुलिस ने ‘थ्री स्टम्प्स’ सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी को फ्लाइट के जरिए रायपुर लाया गया, जहां पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट सट्टा और अन्य प्रकार के सट्टे का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ 13 अप्रैल को थाना गंज में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। 

🔹 ऐसे खुला नेटवर्क

13 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के पास एक चारपहिया वाहन में बैठकर आईपीएल पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। मौके से एक आरोपी को पकड़ने के बाद पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद ओडिशा और महाराष्ट्र में छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

🔹 मुंबई-गोवा में रेड, कई गिरफ्तार

मुख्य आरोपी बाबू खेमानी और उसका भाई करण खेमानी फरार थे। दोनों के मुंबई-गोवा में छिपे होने की जानकारी पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। मुंबई में रेड के दौरान बाबू खेमानी, रोहित सिंह और विशाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लैपटॉप, बीएमडब्ल्यू कार और मोबाइल फोन जब्त किए गए। वहीं गोवा में संचालित ऑनलाइन पैनल पर कार्रवाई करते हुए 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से लैपटॉप, मोबाइल, राउटर, एटीएम कार्ड और सट्टा हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।

🔹 सोशल मीडिया से बनाया हाई प्रोफाइल नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि बाबू खेमानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर था और अपने फॉलोअर्स का इस्तेमाल कर हाई प्रोफाइल ग्राहकों को जोड़ता था। पहले मेट्रो, कलर 777 और क्लासिक एक्स-99 जैसे एप संचालित किए गए, जिन्हें बाद में बंद कर दिया गया। इसके बाद ‘3Stumps’ और ‘55 Exchange’ नाम से नए पैनल बनाकर पुराने ग्राहकों को जोड़ा गया और सट्टा संचालन जारी रखा गया।

🔹 देशभर में फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के अलग-अलग सदस्य अलग जिम्मेदारी संभालते थे कलेक्शन एजेंट के रूप में कमलेश देवांगन, आईडी वितरण का काम रोहित सिंह, बैंक खातों के जरिए लेन-देन का जिम्मा विशाल कश्यप के पास था। गिरोह देशभर से एजेंटों के माध्यम से बैंक खाते किराए पर लेकर लेन-देन करता था।

🔹 विदेश कनेक्शन की जांच

पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी दुबई और थाईलैंड की कई यात्राएं कर चुका है। उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। साथ ही सट्टे की रकम की वसूली से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ जारी है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।  

इस पुरे मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों को एक नज़र में देखिये -


"24 घंटे में हटाओ SDM…” विधायक का कलेक्टर को अल्टीमेटम, मचा हड़कंप


बलरामपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा ने राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक सीसी रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे विधायक नाराज हो गईं। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा को फोन कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इधर, मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एसडीएम देवेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। समर्थकों का आरोप था कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं। 

गौरतलब है कि राज्य में अफसरशाही को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोरबा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई जा चुकी है। वहीं हाल ही में बिलासपुर में भी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

वायरल वीडियो के बाद सक्रिय हुई पुलिस, आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / मुल्कराज होटल के बाहर हुई मारपीट की घटना में तोरवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल की रात करीब 12:15 बजे होटल के सामने मोटरसाइकिल गिराने की बात को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट में बदल गया। घटना के संबंध में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 192/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी प्रवीण रजक उर्फ दारा (27 वर्ष) एवं सुमित कुर्मी (23 वर्ष), दोनों निवासी हेमु नगर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके खिलाफ पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध धारा 170, 126, 135 बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को भी संलग्न किया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

शिक्षा विभाग में करोड़ों का गबन: फरार कर्मचारी गिरफ्तार, दूसरा अब भी फरार


बिलासपुर (कोटा)।
 TODAY छत्तीसगढ़  / शिक्षा विभाग में शासकीय राशि के गबन का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें कोटा पुलिस ने फरार चल रहे एक आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में करोड़ों नहीं लेकिन लाखों की सरकारी राशि के दुरुपयोग ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38 वर्ष), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी भी फरार है।

प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की शिकायत पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपी शिक्षा विभाग में पदस्थ रहते हुए वेतन भुगतान में कूट रचना कर सरकारी राशि का गबन कर रहे थे। जांच में सामने आया कि सितंबर 2024 से फरवरी 2025 तक ₹25,04,422 और मार्च 2025 से नवंबर 2025 तक ₹4,57,800 इस तरह कुल ₹29,62,222 की राशि का अवैध आहरण किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान आरोपी देवेंद्र पालके के ठिकाने की जानकारी मिलने पर टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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