बिलासपुर (कोटा)। TODAY छत्तीसगढ़ / शिक्षा विभाग में शासकीय राशि के गबन का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें कोटा पुलिस ने फरार चल रहे एक आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में करोड़ों नहीं लेकिन लाखों की सरकारी राशि के दुरुपयोग ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38 वर्ष), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी भी फरार है।
प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की शिकायत पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आरोपी शिक्षा विभाग में पदस्थ रहते हुए वेतन भुगतान में कूट रचना कर सरकारी राशि का गबन कर रहे थे। जांच में सामने आया कि सितंबर 2024 से फरवरी 2025 तक ₹25,04,422 और मार्च 2025 से नवंबर 2025 तक ₹4,57,800 इस तरह कुल ₹29,62,222 की राशि का अवैध आहरण किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान आरोपी देवेंद्र पालके के ठिकाने की जानकारी मिलने पर टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
