बलरामपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव का मामला सामने आया है। सामरी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा ने राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार पर नाराजगी जताते हुए दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया है।
जानकारी के अनुसार, विधायक सीसी रोड और नाली निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे विधायक नाराज हो गईं। उन्होंने मौके से ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा को फोन कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इधर, मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एसडीएम देवेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। समर्थकों का आरोप था कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएं प्रभावित हो रही हैं।
गौरतलब है कि राज्य में अफसरशाही को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा कोरबा कलेक्टर के खिलाफ नाराजगी जताई जा चुकी है। वहीं हाल ही में बिलासपुर में भी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
