पॉश कॉलोनी में वकील का हथियारों संग आतंक, पुलिस ने दबोचा


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के पॉश इलाके रामावैली कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक वकील ने सरेआम हथियार लहराकर लोगों में दहशत फैला दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अंशुमन श्रीवास्तव अपने घर के बाहर कार में शराब का सेवन कर रहा था। इसी दौरान वह पिस्टल, तलवार और फरसा जैसे हथियार लेकर सड़क पर निकल आया और राहगीरों को डराने-धमकाने लगा। आरोपी की इस हरकत से कॉलोनी में भय का माहौल बन गया। लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। मामले की जानकारी मिलते ही सीएसपी निमितेश सिंह परिहार, एसीसीयू टीम और चकरभाठा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने मकान नंबर L-5, 124 की घेराबंदी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।

पुलिस ने आरोपी वकील के पास से एक 32.5 इंच की तलवार, एक काले रंग की एयर पिस्टल और फरसा नुमा कुल्हाड़ी ज़ब्त की है। इस मामले में पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। 


बाप-बेटे को पुलिस कस्टडी में बर्बरता और मौत पर चला कानून का डंडा, 9 पुलिसवालों को मौत की सजा


नई दिल्ली।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  तमिलनाडु की मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बाप-बेटे की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. मदुरै कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल 2026) को बिजनेसमैन पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में हुई मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है. दोषियों में शामिल पुलिस इंस्पेक्टर श्रीधर पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

केस बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है: कोर्ट

कोर्ट ने जिन पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई है उसमें इंस्पेक्टर श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन और रघु गणेश और पुलिसकर्मी मुरुगन, समदुरई, मुथुराजा, चेल्लादुरई, थॉमस फ्रांसिस और वेइलुमुथु शामिल हैं. कोर्ट ने कहा, 'पिता और बेटे को बदले की भावना से निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया था. इसके बारे में पढ़कर दिल कांप उठता है. अगर बेंच की निगरानी नहीं होती तो सच दबकर रह जाता.' 

सीबीआई ने की थी फांसी की मांग

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज पेश किए गए, जबकि आम तौर पर ऐसे मामलों में ऐसा नहीं होता. मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में कई ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं और यह फैसला पुलिस के बीच डर पैदा नहीं करेगा. पुलिस हिरासत में टॉर्चर और उसके बाद हुई मौत मामले में सीबीआई ने अधिकतम सजा के रूप में फांसी या बिना पैरोल की संभावना के आजीवन कारावास की मांग की थी.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 19 जून, 2020 को शुरू हुआ, जब मोबाइल की दुकान चलाने वाले जयराज और बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान तय समय से अधिक दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. कुछ ही दिनों में दोनों की मौत हो गई. घरवालों ने आरोप लगाया था कि पुलिस कस्टडी में उनके साथ मारपीट की गई थी.

इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य की सीबी-सीआईडी ​​से जांच का जिम्मा संभालने वाली सीबीआई ने इस मामले में 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और कई कांस्टेबल शामिल थे. बाद में एजेंसी ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया. (साभार / abp न्यूज़)

#VIDEO ‘हाय रानी, हेलो रानी’ पर डांस के बाद आरक्षक लाइन अटैच


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस वर्दी में डांस कर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करना एक आरक्षक को भारी पड़ गया। मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक देवानंद कैवर्त्य को विभागीय कार्रवाई के तहत लाइन अटैच कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक ने अपनी पत्नी के साथ ‘हाय रानी, हेलो रानी’ गाने पर डांस करते हुए वीडियो बनाया और उसे इंस्टाग्राम पर साझा किया था। वीडियो वायरल होते ही मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया।वायरल वीडियो में आरक्षक पुलिस वर्दी पहनकर डांस करते नजर आए। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद विभाग की छवि को लेकर सवाल उठने लगे। 

मामले को गंभीरता से लेते हुए रजनेश सिंह ने जांच के निर्देश दिए। जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो वर्दी पहनकर बनाया गया है। इसके बाद इसे अनुशासनहीनता और वर्दी के दुरुपयोग की श्रेणी में रखते हुए संबंधित आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया। 

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि वर्दी केवल ड्यूटी और गरिमा का प्रतीक है, इसका उपयोग निजी मनोरंजन या सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और इस प्रकार की गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। 


जुआ खेलते आरक्षक का VIDEO वायरल, टीआई समेत दो निलंबित


सूरजपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला मामला सामने आया है। जुआ खेलते एक आरक्षक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी और संबंधित आरक्षक को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार, रामानुजनगर थाना में पदस्थ थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा को पदीय दायित्वों में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है। वहीं उनके वाहन चालक आरक्षक पंकज सिंह को भी निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। वायरल वीडियो में आरक्षक पंकज सिंह जुए के फड़ में बैठकर जुआ खेलते नजर आ रहा था। वीडियो सामने आते ही पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल उठने लगे। 

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशांत कुमार ठाकुर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही सामने आने पर थाना प्रभारी को भी जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद दोनों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया। इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

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