TODAY छत्तीसगढ़ / रायपुर: छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से 12वीं तक की तिमाही परीक्षाएं 21 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने स्कूलों में प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं होने की शिकायतों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्कूलों में प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी कराई गई, जबकि कहीं ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा ली गई।
राज्य में तिमाही परीक्षाओं का कार्यक्रम कक्षा 1 से 12वीं तक के लिए जारी किया गया है और परीक्षाएं 21 से 30 सितंबर 2026 के बीच निर्धारित हैं। विभागीय व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों की छपाई और वितरण के लिए जिला स्तर पर परीक्षा समितियों की व्यवस्था भी की गई है।
'कहीं फोटो कॉपी, कहीं ब्लैकबोर्ड पर परीक्षा'
कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कई स्कूलों में प्रिंटेड प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। उनके मुताबिक, कुछ जगह शिक्षकों को प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी करवानी पड़ी, जबकि कहीं ब्लैकबोर्ड पर सवाल लिखकर विद्यार्थियों से उत्तर कॉपियों में लिखवाए गए।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के प्रश्नपत्रों में चित्र, तालिका और दूसरी दृश्य सामग्री भी हो सकती है, इसलिए केवल ब्लैकबोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा कराने से बच्चों को परेशानी हो सकती है।
प्रश्नपत्रों में त्रुटि और सवाल ..
वंदना राजपूत ने कुछ प्रश्नपत्रों में कथित त्रुटियों और प्रश्नों की पुनरावृत्ति की शिकायतों का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार से इन मामलों की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि तिमाही परीक्षा बच्चों के शैक्षणिक स्तर के आकलन का माध्यम है। ऐसे में परीक्षा की शुरुआत में ही प्रश्नपत्रों की उपलब्धता और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
विभाग ने परीक्षा व्यवस्था के ..
जुलाई में जारी परीक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी के अनुसार, सभी जिलों में परीक्षा संचालन और मूल्यांकन में एकरूपता के लिए जिला स्तर पर परीक्षा समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए थे। इन समितियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के पैनल के जरिए प्रश्नपत्र तैयार कराने, उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रश्नपत्रों की गोपनीय छपाई-बंडलिंग की जिम्मेदारी दी गई थी।
विभागीय व्यवस्था में परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्रों को विकासखंड और संकुल स्तर तक पहुंचाने का भी प्रावधान बताया गया है।
कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
वंदना राजपूत ने सरकार से पूछा कि यदि कुछ स्कूलों में प्रश्नपत्र समय पर उपलब्ध नहीं हुए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने प्रश्नपत्र समय पर उपलब्ध कराने, शिक्षकों को जरूरी संसाधन देने और परीक्षा व्यवस्था में सामने आई शिकायतों की जांच की मांग की।

