बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले से जुड़े कथित ओवरटाइम स्कैम में संजीव जैन, राजीव द्विवेदी समेत चार आरोपियों को नियमित जमानत प्रदान की है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को ₹10 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि संबंधित कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट का संचालन सिद्धार्थ सिंघानिया कर रहे थे, लेकिन उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया, जबकि कंपनी के निदेशकों को आरोपी बनाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि शराब घोटाले के मूल मामले में संजीव जैन को गवाह बनाया गया था, लेकिन उसी मामले से जुड़े कथित ओवरटाइम स्कैम में उन्हें आरोपी बना दिया गया।
बचाव पक्ष के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और 18 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपियों ने जांच के दौरान ईओडब्ल्यू के नोटिस पर लगातार उपस्थित होकर सहयोग किया, इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने के लगभग 18 महीने बाद, 4 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इसी मामले के एक अन्य सह-आरोपी को पहले ही हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने समानता के सिद्धांत के आधार पर भी आरोपियों को राहत देने का आग्रह किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका प्रत्यक्ष रूप से सामने नहीं आती। अदालत ने यह भी माना कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए नियमित जमानत देने के पर्याप्त आधार पाए गए।

