बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, थाना सिविल लाइन और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर चोरी गया मशरूका बरामद किया है। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित ₹5 करोड़ की चोरी संबंधी दावे को पुलिस ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है।
पुलिस के मुताबिक, रजनीश सेठ, निवासी गणेश चौक, 18 जुलाई से परिवार सहित ऋषिकेश गए हुए थे। 23 जुलाई की रात ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने घर के पीछे लगी विंडो एसी निकली हुई देख इसकी सूचना उन्हें दी। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर घर से लगभग ₹1.85 लाख से ₹2.35 लाख नकद, 15 से 20 तोला सोने के आभूषण तथा अन्य सामान चोरी होने की आशंका जताई गई थी।
पुलिस ने बताया कि बाद में कुछ लोगों ने बिना आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर ₹5 करोड़ की चोरी होने का दावा प्रसारित कर दिया, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। प्रार्थी के बिलासपुर लौटकर निरीक्षण करने पर कुछ सामान घर में ही सुरक्षित मिला और उसके बाद वास्तविक स्थिति के आधार पर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद गठित टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर 10 से 13 वर्ष आयु के तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित रूप से चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी गया सामान बरामद किया गया।
बरामद सामान में ₹1,06,635 नकद, ₹4,500 के पुराने नोट, सोने-चांदी के आभूषण, प्रथम दृष्टया नीलम प्रतीत होने वाले कुछ रत्न, पीतल एवं कांसे के पूजा और घरेलू उपयोग के सामान, नल की टोटियां, सिटकनी, कब्जे तथा अन्य धातु सामग्री शामिल है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान की पहचान प्रार्थी ने कर ली है।
पुलिस ने बताया कि तीनों विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना से संबंधित अपुष्ट या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

