बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और स्कूली बच्चों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बिलासपुर यातायात पुलिस ने जिले के शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों की विशेष बैठक आयोजित की। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी स्कूल प्रबंधन को उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा संबंधी 18 बिंदुओं वाली गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही, स्कूल परिवहन व्यवस्था और परिसर के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन विद्यालयों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर और उसके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित थाना पुलिस को दी जाए। साथ ही स्कूलों के आसपास नशे के सामान और तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए कोटपा एक्ट के तहत उपलब्ध अधिकारों का प्रभावी उपयोग करने की भी सलाह दी गई।
बैठक में नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के अनधिकृत एवं नकारात्मक उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई। स्कूलों को निर्देश दिए गए कि वे इस पर निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों में शामिल न हों।
हर स्कूल में लगेगा सड़क सुरक्षा संदेश पटल
यातायात पुलिस ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया कि स्कूल परिसर में प्रमुख स्थान पर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेश पटल लगाया जाए, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के कारण, उनके दुष्परिणाम, यातायात नियमों के उल्लंघन पर मिलने वाले दंड और जुर्माने की जानकारी प्रदर्शित की जाए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
हर शनिवार होगी 'यातायात की पाठशाला'
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पहल 'यातायात दिग्दर्शिका' पुस्तिका का विमोचन रहा। इस पुस्तिका के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों में प्रत्येक शनिवार 'यातायात की पाठशाला' आयोजित की जाएगी। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
यातायात पुलिस ने स्कूलों को मास्टर ट्रेनर नियुक्त कर नियमित रूप से सड़क सुरक्षा की कक्षाएं संचालित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय थाना और यातायात पुलिस के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, एएसपी पंकज पटेल, सीएसपी गगन कुमार, सीएसपी निमितेश सिंह, डीएसपी शिव चरण परिहार, आरआई भूपेंद्र गुप्ता सहित जिले के 350 से अधिक स्कूल प्रबंधक और प्राचार्य उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है और इसमें विद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

