बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र अग्रवाल की खंडपीठ ने बुधवार को बिलासपुर में हवाई सेवाओं के विस्तार से संबंधित दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र में कहा गया कि सरकार बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी के एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शपथ पत्र के अनुसार, एयरपोर्ट के प्रबंधन, संचालन और विकास का जिम्मा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को सौंपने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, जिस पर अभी तक AAI की ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि वर्तमान में बिलासपुर से संचालित उड़ानों की संख्या पहले की तुलना में कम हो गई है। इस पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने कहा कि विभिन्न एयरलाइन कंपनियों को बिलासपुर से उड़ानें शुरू करने की संभावना का अध्ययन करने के लिए पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फ्लाई 91 एयरलाइंस ने बिलासपुर से उड़ान संचालन में रुचि दिखाई है और कंपनी के प्रतिनिधियों के जल्द ही एयरपोर्ट का दौरा करने की संभावना है।
राज्य सरकार के शपथ पत्र के अनुसार, एयरपोर्ट के एप्रन विस्तार का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि रनवे रिकरपेटिंग (री-कार्पेटिंग) का टेंडर अंतिम चरण में है। इसके अलावा बाउंड्री वॉल निर्माण का टेंडर भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। सरकार ने अदालत को बताया कि इन कार्यों के अगले छह माह में पूरे होने की उम्मीद है।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक नया शपथ पत्र और अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को भी अपना शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।

