रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सीए तारवानी एंड एसोसिएट्स कार्यालय में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी कार्यालय का पूर्व कर्मचारी है, जिसे घटना दर्ज होने के लगभग 30 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि कार्यालय की कैशियर अपर्णा नायक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई की सुबह कार्यालय पहुंचने पर कैश काउंटर का ताला कटा हुआ मिला और उसमें रखी नकदी चोरी हो चुकी थी। इसके बाद सिविल लाइन थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
जांच के दौरान एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, कर्मचारियों से पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान संदेह पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर गया, जिसे बिलासपुर से हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उमेश पोर्ते ने कार्यालय में पहले काम करने और वहां रखी नकदी की जानकारी होने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। इसके बाद दूसरे आरोपी को भी बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 7.80 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश पोर्ते (39) निवासी दोमुहानी, बिलासपुर तथा लक्ष्मीनारायण ध्रुव (24) निवासी बूटापारा, थाना तोरवा, बिलासपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते के खिलाफ पूर्व में बिलासपुर जिले में मारपीट के मामलों में भी कार्रवाई हो चुकी है।


