दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़ / साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के माध्यम से ठिकाने लगाने वाले संगठित नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली और छावनी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस अब तक ऐसे 123 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर चुकी है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कर उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जा रहा था। इसके एवज में खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने, छिपाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
106 संदिग्ध खातों की जांच, आठ गिरफ्तार
सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों को चिन्हित किया। विवेचना के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए।
छावनी थाना में गिरफ्तारी का आंकड़ा 17 पहुंचा
वहीं छावनी थाना में दर्ज साइबर ठगी के प्रकरण में पहले ही 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कमीशन के लालच में देते थे बैंक खाते
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कमीशन और आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम को विभिन्न खातों में भेजकर उसके स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।
जब्त किए गए दस्तावेज
- विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन
- इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक
- एटीएम कार्ड
- आधार कार्ड
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या बैंकिंग संबंधी जानकारी उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। कमीशन या किसी भी प्रकार के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराना भी कानूनन अपराध है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

