TODAY छत्तीसगढ़ / बेमेतरा ज़िले में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौक़े पर आयोजित एक कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब साजा विधानसभा क्षेत्र से विधायक ईश्वर साहू कथित तौर पर नाराज़ होकर मंच से चले गए.
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर और पोस्टरों में विधायक की तस्वीर नहीं थी. इसे देखकर विधायक ईश्वर साहू नाराज़ हो गए और उन्होंने कार्यक्रम में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने इस घटना को ख़ुद को 'नीचा दिखाने की साज़िश' क़रार दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
विधायक ने क्या आरोप लगाए?
इस घटना के बाद अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए साजा विधायक ईश्वर साहू ने कहा कि आयोजकों ने यह सब जानबूझकर किया है.
अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा, "मंच के पोस्टर में मेरा फ़ोटो नहीं था. मुझे नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है. मैं इसकी उच्च स्तरीय शिकायत कर जांच कराऊंगा."
उन्होंने आगे कहा, "मैं इसमें किसी व्यक्ति विशेष को दोषी नहीं ठहराना चाहूंगा, लेकिन जो भी यह कार्य किया गया है, वह जानबूझकर किया गया है. आयोजक अगर चाहते, तो दो घंटे के भीतर पोस्टर को बदला जा सकता था."
राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजनों में बैनर-पोस्टर पर नेताओं की तस्वीरों को लेकर अक्सर संवेदनशीलता देखने को मिलती है. प्रशासन या आयोजकों की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.
