TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ की रायगढ़ ज़िला पुलिस ने पिछले छह महीने से लापता एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को राजधानी रायपुर से बरामद कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को नाबालिग के अपहरण और शारीरिक शोषण के आरोप में गिरफ़्तार किया है. स्थानीय अदालत के निर्देश पर दोनों अभियुक्तों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मुताबिक, महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित जांच और कार्रवाई के तहत पुलिस की एक विशेष टीम ने रायपुर के उरला क्षेत्र से इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
स्कूल से लौटने के बाद लापता हुई थी नाबालिग
थाना पूंजीपथरा से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 का है. 17 दिसंबर 2025 को एक स्थानीय ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 15 दिसंबर को स्कूल से लौटने के बाद घर नहीं पहुंची. परिजनों ने पुलिस को बताया था कि घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी नामक युवक नाबालिग को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर साथ ले गया था.
काफ़ी तलाश के बाद भी लड़की का सुराग न मिलने पर पूंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 264/2025, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
रायपुर की मजदूर बस्ती से मिली अहम लीड
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम तीन बार रायपुर जाकर विभिन्न स्थानों पर पतासाजी कर चुकी थी. हाल ही में पुलिस को तकनीकी इनपुट और मुखबिर के ज़रिए लड़की के उरला क्षेत्र में होने की सूचना मिली, जिसके बाद उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में टीम दोबारा रायपुर भेजी गई.
पुलिस टीम ने उरला और सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों, दुकानों और मजदूर बस्तियों में लड़की की तस्वीर दिखाकर सघन पूछताछ की. इसी दौरान एक स्थानीय किराना दुकानदार से पुलिस को इनपुट मिला कि तस्वीर वाली लड़की पास के इलाक़े में राशन लेने आती है. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने 24 जून 2026 को सरोरा (उरला) स्थित अशोक पाइप प्लांट क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग को सिसेन एक्का नामक युवक के कब्ज़े से सकुशल बरामद कर लिया.
पीड़िता के बयान के बाद बढ़ीं धाराएं, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
रायगढ़ लाकर महिला पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में पीड़िता का आधिकारिक बयान दर्ज कराया गया. पीड़िता द्वारा दिए गए विवरण के आधार पर मामले में दो अलग-अलग आरोपियों की भूमिका सामने आई:
पहला आरोपी (घनश्याम दास): पीड़िता के मुताबिक, घरेलू विवाद और डांट-फटकार के बाद 15 दिसंबर 2025 को घनश्याम उसे बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल से घरघोड़ा ले गया और वहां से रायपुर (सिलतरा) की एक फैक्ट्री के मजदूर क्वार्टर में ले आया. आरोप है कि उसने वहां नाबालिग को करीब दो महीने तक बंधक बनाकर रखा और शारीरिक शोषण किया. इसके बाद वह उसे कमरे में अकेला छोड़कर भाग गया.
दूसरा आरोपी (सिसेन एक्का): घनश्याम के भागने के बाद, सिलतरा की उसी फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले सिसेन एक्का ने नाबालिग से परिचय बढ़ाया. आरोप है कि वह उसे सरोरा की एक प्लास्टिक फैक्ट्री ले गया और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करने लगा.
बयान और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मूल मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, 65(1) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 व 6 को शामिल किया है.
👥 गिरफ़्तार अभियुक्तों का विवरण
घनश्याम दास बैरागी उर्फ सोनू (उम्र 23 वर्ष), निवासी- नूनदरहा, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़.
सिसेन एक्का (उम्र 25 वर्ष), निवासी- सिगाना, थाना लखनपुर, जिला सरगुजा.
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को भी ज़ब्त कर लिया है और मामले की आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
