TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के भिलाई (छावनी थाना क्षेत्र) में एक दुकान के भीतर युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, आपसी विवाद के बाद अभियुक्तों ने युवक की पसली पर वार किया था. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है और तीनों अभियुक्तों को अदालत के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
दुकान के भीतर हुआ था विवाद
छावनी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 जून 2026 को नेहरू चौक (कैम्प-01) स्थित रिमझिम लाइट दुकान में हुई थी. पीड़ित विजय बघेल की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी.
हमले का आरोप: शिकायत के मुताबिक़, दुकान के भीतर संतोष गायकवाड़ उर्फ़ भूरू और उसके साथियों ने विजय बघेल के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी.
गंभीर चोट: विवाद बढ़ने पर अभियुक्तों ने हत्या की नीयत से एक धारदार लोहे के हथियार से विजय की बाईं पसली पर वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
हथियार ज़ब्त, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
घटना के बाद छावनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (गाली-गलौज, मारपीट, धमकी) और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 390/2026 दर्ज किया गया था.
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने आपसी विवाद में मारपीट और हमले की बात स्वीकार की. पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हमले में प्रयुक्त लोहे का धारदार हथियार ज़ब्त कर लिया है.
👥 गिरफ़्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ़्तार किए गए तीनों अभियुक्त भिलाई के ही निवासी हैं:
संतोष गायकवाड उर्फ़ भूरू (उम्र 21 वर्ष)
विकास यादव (उम्र 23 वर्ष), निवासी- नेहरू चौक, कैम्प-01
एस. एन्थोनी उर्फ़ अलेक्ज़ेंडर (उम्र 22 वर्ष), निवासी- गुरुद्वारा के पास, सुंदर नगर, कैम्प-01
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
इस कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निजी या आपसी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि मामले का समाधान शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत तरीक़े से करें. पुलिस ने कहा है कि शहर की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के ख़िलाफ़ सख़्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी.
