बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में भ्रामक वीडियो और झूठी खबरें पोस्ट करने वालों के खिलाफ अब पुलिस सख्त रुख अपनाने जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ अब केवल समझाइश नहीं, बल्कि सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे वीडियो और पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें घटनाओं को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया या भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई। इन पोस्टों की सत्यता की जांच में पुलिस को काफी समय और संसाधन खर्च करने पड़ते हैं। जांच के बाद अधिकांश मामलों में जानकारी भ्रामक या पूरी तरह झूठी पाई जाती है। अब तक ऐसे मामलों में पुलिस कई बार चेतावनी देकर संबंधित लोगों को छोड़ देती थी, लेकिन लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह, झूठी खबर या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में सीधे अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या सूचना को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। केवल वायरल होने या लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से भ्रामक सामग्री पोस्ट करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है, लेकिन इसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली या समाज में भ्रम फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
