रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार चल रहे गांजा तस्कर सतीश गोरख को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 25 मई को साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बीड़पारा स्थित एक मकान में छापेमारी कर 6.168 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। कार्रवाई के दौरान इरशाद खान को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह अपने साढ़ू मोहम्मद वसीम के साथ मिलकर गांजे की बिक्री करता है।
जांच के दौरान मोहम्मद वसीम को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि गांजा ओडिशा से लाया जाता था और इसमें सतीश गोरख की महत्वपूर्ण भूमिका थी। पुलिस ने उसी समय सतीश गोरख को मामले में आरोपी बनाया था, लेकिन वह फरार चल रहा था। लगातार तलाश के बाद 10 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसके निवास स्थान पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बकरा-बकरी के व्यापार के सिलसिले में ओडिशा आता-जाता था और इसी दौरान वहां से गांजा खरीदकर रायगढ़ लाता था।
आरोपी ने बताया कि 23 मई को वह ओडिशा के कनकतुरा क्षेत्र से छह पैकेट गांजा खरीदकर लाया था और उसे बिक्री के लिए मोहम्मद वसीम को सौंप दिया था। गांजा बिक्री से उसे करीब 30 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2,750 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों इरशाद खान और मोहम्मद वसीम के साथ सतीश गोरख के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
