नई दिल्ली / भोपाल। TODAY छत्तीसगढ़ / मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार किए जाने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं।
भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध विजयी घोषित करते हुए निर्वाचन प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर शपथ पत्र में कथित रूप से आपराधिक मामले और न्यायालय से संबंधित जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। आपत्तियों की सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था।
नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव परिणाम पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने चुनावी प्रक्रिया के बीच हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
गुजरात में भी भाजपा का दबदबा
मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात में भी भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में पूरी बाजी मार ली। राज्य की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं।
इन परिणामों के बाद गुजरात से राज्यसभा में सभी 11 सदस्य भाजपा के हो गए हैं। साथ ही, वर्ष 2029 तक गुजरात से कांग्रेस का कोई भी राज्यसभा सांसद नहीं रहेगा।
राजनीतिक महत्व
मध्य प्रदेश और गुजरात में राज्यसभा चुनाव के नतीजों को भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक और रणनीतिक दृष्टि से बड़ा झटका माना जा रहा है, विशेषकर मध्य प्रदेश में उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के बाद।
