TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में मस्तूरी पुलिस ने कोयले की खेप में मिलावट और हेराफेरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है.
पुलिस ने इस मामले में एक कोल डिपो संचालक, दो ट्रेलर मालिकों और एक चालक समेत कुल चार लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस के मुताबिक़, ये लोग खदान से निकलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रास्ते में उतार लेते थे और उसकी जगह गिट्टी मिला हुआ ख़राब कोयला प्लांट में सप्लाई करते थे.
इस कार्रवाई में पुलिस ने 30 टन कोयला, तीन ट्रेलर और मिलावट में इस्तेमाल होने वाली एक 'रोलर मशीन' ज़ब्त की है. सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा के मोपका निवासी सत्यनारायण ने इस मामले की शिकायत दर्ज़ कराई थी. उन्होंने बताया कि 'राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड' प्लांट के लिए 15 जून 2026 को एसएम एंटरप्राइजेज़ के माध्यम से गेवरा कोल माइंस से 30,000 टन (G-11 ग्रेड) कोयले का ऑर्डर दिया गया था.
17 जून की रात क़रीब 2 बजे से सुबह 7 बजे के बीच कई ट्रेलरों से कोयला प्लांट में पहुंचा. लेकिन जब वहां तीन ट्रेलरों (CG 10 EC 5488, CG 10 BT 6138, CG 15 EG 5055) के कोयले की गुणवत्ता जांची गई, तो वह बेहद ख़राब और मिलावटी निकला.
आरोप है कि जब प्लांट के अधिकारियों ने इस बारे में ट्रेलरों के चालकों (जिया लाल कुमार, वीरेंद्र और जयकांत) से पूछताछ की, तो वे डरकर अपने वाहन वहीं छोड़कर मौक़े से भाग गए. इसके बाद पुलिस में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज़ कराई गई.
रास्ते में कैसे होता था मिलावट का 'खेल'?
पुलिस ने जांच के दौरान सबसे पहले ट्रेलर चालक जयकांत यादव को पकड़ा. पूछताछ में उसने इस पूरे खेल का तरीक़ा (Modus Operandi) बताया.
पुलिस के मुताबिक़, ये लोग गेवरा माइंस से G-11 ग्रेड का अच्छी क्वालिटी वाला कोयला लोड करते थे. रास्ते में वे ट्रेलर को बेलतरा टोल प्लाज़ा के पास स्थित आकाश सिंघल के कोल डिपो में ले जाते थे. वहां अच्छा कोयला उतार लिया जाता था और उसकी जगह ट्रेलरों में गिट्टी मिक्स किया हुआ ख़राब कोयला भर दिया जाता था. इसके बदले डिपो संचालक आकाश सिंघल ट्रेलर मालिकों और चालकों को पैसे देता था, जिसे वे आपस में बांट लेते थे.
डिपो संचालक आकाश सिंघल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह चोरी किए गए अच्छे कोयले को रोलर मशीन के ज़रिए अपने डिपो के कोयले में मिक्स कर देता था.
ज़ब्ती और गिरफ़्तार अभियुक्त
पुलिस ने इस गिरोह के चार लोगों को 21 और 22 जून को गिरफ़्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है. मामले में निखिल साहू नाम के एक अन्य संदिग्ध का नाम भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है.
गिरफ़्तार अभियुक्त:
आकाश सिंघल (41 वर्ष): कोल डिपो संचालक, निवासी- देवरीखुर्द, बिलासपुर.
सुनीत यादव (23 वर्ष): वाहन (ट्रेलर) मालिक, निवासी- सरकंडा, बिलासपुर.
सूरज सिंह (31 वर्ष): वाहन (ट्रेलर) मालिक, निवासी- गेवरा प्रोजेक्ट, दीपका, कोरबा.
जयकांत यादव (38 वर्ष): ट्रेलर चालक, निवासी- मझिआंव, गढ़वा (झारखंड).
ज़ब्त सामग्री:
30 टन कोयला
तीन ट्रेलर वाहन
कोयला मिक्स करने वाली एक रोलर मशीन
