TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने आदतन अपराधियों, 'चाकूबाज़ों' और निगरानीशुदा बदमाशों के ख़िलाफ़ एक बड़ा सघन अभियान चलाया है.
पुलिस के मुताबिक़, शहर में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के मक़सद से सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ सुबह-सुबह छापेमारी की गई. इस दौरान संदिग्धों के घरों पर दबिश देकर उनकी गतिविधियों का सत्यापन (वेरिफ़िकेशन) किया गया और पूछताछ के लिए कुल 85 लोगों को हिरासत में लिया गया.
क्या है पुलिस की कार्रवाई का ब्योरा?
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए 85 लोगों से पूछताछ के बाद उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए अलग-अलग कार्रवाई की गई है:
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई: 56 आदतन गुंडे-बदमाशों के ख़िलाफ़ नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है.
जेल भेजे गए: 25 लोगों को BNSS की धारा 170 के तहत अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
आर्म्स एक्ट: अभियान के दौरान 4 लोगों के पास से अवैध रूप से रखे गए धारदार हथियार बरामद हुए हैं. इनके ख़िलाफ़ 'आर्म्स एक्ट' (शस्त्र अधिनियम) के तहत मामला दर्ज़ किया गया है.
'ज़िला बदर' की सख़्त चेतावनी
इस अभियान की निगरानी कर रहे उपमहानिरीक्षक (DIG) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने पकड़े गए सभी असामाजिक तत्वों को सख़्त हिदायत दी है.
पुलिस की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ये लोग किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, मारपीट, लोगों में डर पैदा करने या क़ानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करते पाए गए, तो उनके ख़िलाफ़ 'ज़िला बदर' (ज़िले की सीमा से बाहर निकालने) और अन्य कठोर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस की नागरिकों से अपील
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ज़िले में अपराध, गुंडागर्दी और चाकूबाज़ी को किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उनके आस-पास ऐसे असामाजिक तत्व सक्रिय हैं, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें. सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.
