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72 किलो गांजा और चार ट्रॉली बैग... ट्रेन में ऐसे पकड़े गए तस्कर

बिलासपुर/गोंदिया: TODAY छत्तीसगढ़  / रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नारकोस के तहत बड़ी कार्रवाई की है। गोंदिया में RPF की अपराध गुप्तचर शाखा ने पुरी-सूरत एक्सप्रेस से 72.661 किलो गांजा बरामद करते हुए एक महिला समेत दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 36.33 लाख रुपये बताई गई है।

जानकारी के मुताबिक, 24 अगस्त को RPF क्राइम टीम गोंदिया को ट्रेन के जरिए गांजा तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद अधिकारियों और बल सदस्यों ने गाड़ी संख्या 22827 पुरी-सूरत एक्सप्रेस में दरेंकसा और गोंदिया के बीच निगरानी शुरू की। इसी दौरान कोच नंबर B-5 में एक महिला और पुरुष यात्री चार ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध हालत में दिखाई दिए।

RPF टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की। आरोपियों ने अपनी पहचान टूकु नायक (38) और ईश्वरी बेहरा उर्फ इशू (35) के रूप में बताई। दोनों ओडिशा के बलांगीर जिले के कांटाभाजी के रहने वाले हैं। तलाशी लेने पर चारों ट्रॉली बैग से गांजे के 69 पैकेट मिले। इनका कुल वजन 72.661 किलोग्राम निकला। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 36,33,050 रुपये बताई गई है।

पहले भी 10 बार कर चुके हैं तस्करी

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा कांटाभाजी, ओडिशा से भुसावल, महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। पूछताछ में दोनों ने इससे पहले भी करीब 10 बार गांजा तस्करी करने की बात कबूल की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।

RPF ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों और बरामद गांजे को जीआरपी गोंदिया के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी गोंदिया ने 25 अगस्त को अपराध क्रमांक 153/2026 दर्ज किया है। मामले में धारा 8(c), 20(b)ii(c) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की जांच की जा रही है।

रेलवे सुरक्षा बल की ओर से ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन नारकोस के तहत हुई इस कार्रवाई को इसी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। 

नौकरानी ने अलमारी से चेक चुराया, खाताधारक के फर्जी साइन कर बैंक पहुंची

जांजगीर। TODAY छत्तीसगढ़  /  घर में काम करने वाली एक नौकरानी पर उसी घर की अलमारी से बैंक चेक चोरी कर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए 85 हजार रुपये निकालने की कोशिश करने का आरोप लगा है। बैंक कर्मचारियों की सतर्कता के चलते रकम निकासी का प्रयास सफल नहीं हो सका। मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, पेण्ड्री जांजगीर निवासी गिरजा पिछले करीब एक साल से जांजगीर के एक घर में नौकरानी का काम कर रही थी। आरोप है कि इसी दौरान उसने घर की अलमारी से भारतीय स्टेट बैंक का एक चेक चोरी कर लिया।

इसके बाद कथित तौर पर चेक में 85 हजार रुपये की राशि भरकर खाताधारक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उसे बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया। चेक बैंक पहुंचने पर कर्मचारियों को उस पर संदेह हुआ।

बैंक ने जब खाताधारक से चेक के संबंध में पुष्टि की तो उसने साफ कर दिया कि यह चेक उसके द्वारा जारी नहीं किया गया है। इसके बाद बैंक ने भुगतान रोक दिया और आरोपी द्वारा रकम निकालने की कोशिश नाकाम हो गई।

मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस चेक, बैंक दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

धारदार हथियार लहराकर राहगीरों को डराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  जांजगीर में धारदार हथियार लहराकर आने-जाने वाले लोगों को डराने वाले दो युवकों को कोतवाली पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो बटनदार चाकू बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक धारदार हथियार लेकर लोगों को डरा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शारदा चौक और तलवापारा में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरीश चौहान (21), निवासी तलवापारा, जांजगीर और पृथ्वीराज सूर्यवंशी (23), निवासी वार्ड नंबर 10, तलवापारा, जांजगीर के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों के कब्जे से एक-एक बटनदार चाकू बरामद किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ पृथक-पृथक आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से दोनों आरोपियों को किसी संभावित गंभीर घटना को अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया गया। 

पत्नी-बच्चों से मारपीट के बाद हथियार लेकर निकला आरोपी, पुलिस ने दबोचा

रायपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  आमानाका थाना क्षेत्र के डुमरतालाब में शराब के नशे में पत्नी और दोनों बच्चों से मारपीट करने के बाद हथियार लेकर उत्पात मचा रहे आरोपी को पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। डायल-112 और आमानाका पुलिस की तत्परता से संभावित गंभीर घटना टल गई।

पुलिस के अनुसार डुमरतालाब निवासी करीब 40 वर्षीय देवेंद्र सिंह राजपूत शराब के नशे में अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मारपीट कर रहा था। इसके बाद वह हथियार लेकर घर से बाहर निकल गया और क्षेत्र में उत्पात मचाने लगा।

आरोपी के हथियार लेकर घूमने की सूचना मोहल्लेवासियों ने तत्काल डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी हथियार लेकर भागने लगा।

पुलिस टीम ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और थाना आमानाका लेकर आई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो हथियार बरामद किए हैं।

आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक समय रहते आरोपी को पकड़ लिया गया, जिससे पत्नी, बच्चों और अन्य लोगों को संभावित गंभीर नुकसान से बचाया जा सका। 


कपड़ों की पोटली में छिपा था 7.77 लाख का माल, RPF ने दो तस्करों को दबोचा

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत RPF ने बड़ी कार्रवाई की है। निगौरा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच करते हुए जवानों ने भेष बदलकर गांजे की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 15.540 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये बताई गई है।

RPF के मुताबिक 24 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टास्क टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई।

तलाशी के दौरान उनके पास कपड़ों की पोटलियों से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान हंसा नाथ (40), निवासी संगरूर, पंजाब और मनता नाथ उर्फ लंबू (39), निवासी संगरूर, पंजाब के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम और मनता नाथ के पास से 8.260 किलोग्राम गांजा मिला।

RPF ने दोनों आरोपियों को जब्त गांजे के साथ पुलिस थाना जैतहरी के सुपुर्द कर दिया। मामले में अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 8/20(ख) NDPS Act के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

2026 में 550 किलो से ज्यादा गांजा जब्त

बिलासपुर मंडल RPF के अनुसार वर्ष 2026 में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। रेलवे परिसर और ट्रेनों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और विशेष अभियान जारी हैं।

‘आप मनी लॉन्ड्रिंग में फंस गए हैं’: IPS बनकर डराया, 35 लाख की ठगी से पहले पुलिस पहुंची

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  / डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक 68 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से करीब 35 लाख रुपये की ठगी की कोशिश को बिलासपुर पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। पुलिस की तत्परता से वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में जमा पूरी राशि सुरक्षित बच गई।

पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को वरिष्ठ नागरिक के एक मित्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को फोन कर सूचना दी कि सीपत रोड, सरकंडा निवासी उनके 68 वर्षीय मित्र को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर खुद को “सुनील कुमार गौतम, IPS, बाराबंकी/मुंबई” बताया गया है। आरोपियों ने वरिष्ठ नागरिक को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में फंसने का भय दिखाकर कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया था।

पुलिस के मुताबिक ठगों ने वरिष्ठ नागरिक को लगातार भयभीत और भ्रमित करते हुए उनके अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक ही खाते में ट्रांसफर करा लिया। इस तरह करीब 35 लाख रुपये एक खाते में जमा हो गए थे। इसके बाद आरोपी वीडियो मीटिंग के जरिए खाते में जमा पूरी रकम को निकालने या दूसरे खाते में ट्रांसफर करने की तैयारी में थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी को मौके पर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच की, जिसमें नंबर का संबंध फ्रॉड गतिविधियों से पाए जाने की जानकारी सामने आई। समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से वरिष्ठ नागरिक ठगी का शिकार होने से बच गए और बैंक खाते में जमा करीब 35 लाख रुपये सुरक्षित रह गए। घटना की रिपोर्ट NCCRP पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

SECL में साइबर जागरूकता अभियान, IG बोले- सतर्कता से ही ठगी से बचाव

बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़  / साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत SECL मुख्यालय बिलासपुर और द्वितीय वाहिनी सकरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित पुलिस एवं SECL के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

SECL मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आईजी रामगोपाल गर्ग ने साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि साइबर ठगी में अक्सर मोबाइल, ठग का मोबाइल और पीड़ित का बैंक अकाउंट अहम कड़ी बनते हैं। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को निशाना बनाते हैं। परिवार, बैंक बैलेंस और निजी जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश की जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देते हुए कहा कि OTP, PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करें। संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या मोबाइल एप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।

उन्होंने कहा कि ठग कभी दोस्त, रिश्तेदार, बैंक अधिकारी, पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर संपर्क कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित व्यक्ति या कार्यालय से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई।

 ‘रक्षा सूत्र साइबर जागृति’ अभियान

रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर कार्यक्रम में ‘एक रक्षा सूत्र साइबर जागृति हेतु’ अभियान का शुभारंभ किया गया। उपस्थित लोगों को राखी बांधकर साइबर सुरक्षा और जागरूकता का संदेश दिया गया।

बिलासपुर पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता से जुड़े प्रश्न-उत्तर अभियान की जानकारी भी दी गई। इसमें भाग लेकर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को उनके ईमेल पर प्रमाण पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान से जुड़ने और साइबर जागरूकता संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

दूसरी वाहिनी में भी दी गई जानकारी

द्वितीय वाहिनी सकरी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने अधिकारी-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लालच से बचने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और OTP साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने लोगों से अपील की कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।”

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