बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़ / साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत SECL मुख्यालय बिलासपुर और द्वितीय वाहिनी सकरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित पुलिस एवं SECL के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
SECL मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आईजी रामगोपाल गर्ग ने साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि साइबर ठगी में अक्सर मोबाइल, ठग का मोबाइल और पीड़ित का बैंक अकाउंट अहम कड़ी बनते हैं। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को निशाना बनाते हैं। परिवार, बैंक बैलेंस और निजी जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश की जाती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देते हुए कहा कि OTP, PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करें। संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या मोबाइल एप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि ठग कभी दोस्त, रिश्तेदार, बैंक अधिकारी, पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर संपर्क कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित व्यक्ति या कार्यालय से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई।
‘रक्षा सूत्र साइबर जागृति’ अभियान
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर कार्यक्रम में ‘एक रक्षा सूत्र साइबर जागृति हेतु’ अभियान का शुभारंभ किया गया। उपस्थित लोगों को राखी बांधकर साइबर सुरक्षा और जागरूकता का संदेश दिया गया।
बिलासपुर पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता से जुड़े प्रश्न-उत्तर अभियान की जानकारी भी दी गई। इसमें भाग लेकर सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को उनके ईमेल पर प्रमाण पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान से जुड़ने और साइबर जागरूकता संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
दूसरी वाहिनी में भी दी गई जानकारी
द्वितीय वाहिनी सकरी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने अधिकारी-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लालच से बचने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और OTP साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने लोगों से अपील की कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।”

