बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मंगलवार को जिला न्यायपालिका की अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरगुजा जिले के अंबिकापुर में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण के लिए वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम में सूरजपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नव निर्मित आवास गृह तथा न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर का वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, जो सरगुजा के पोर्टफोलियो जज हैं, तथा न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, सूरजपुर के पोर्टफोलियो जज, मौजूद रहे।
4 मंजिला भवन में होंगे 24 न्यायालय कक्ष
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने बताया कि अंबिकापुर में बनने वाला नया जिला एवं सत्र न्यायालय भवन चार मंजिला और 24 न्यायालय कक्षों वाला होगा। भवन के निर्माण के लिए 46 करोड़ 2 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द कार्यादेश जारी किया जाएगा।
भवन में पार्किंग, सेंट्रल फाइलिंग, ई-सेवा केंद्र, आवक-जावक शाखा, कैंटीन, विश्राम कक्ष, रीडर एवं स्टेनो रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, साक्षी कक्ष, वीआईपी वेटिंग, न्यायिक अभिलेखागार, मालखाना और अधिवक्ता हॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण ऐसा हो, जो प्रदेश के अन्य न्यायालय भवनों के लिए मिसाल बने।
सूरजपुर में 12 आवासों का लोकार्पण
सूरजपुर में न्यायिक अधिकारियों के लिए 7.08 करोड़ रुपये की लागत से 12 आवासीय मकान बनाए गए हैं। इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए एक बी-टाइप आवास तथा न्यायिक अधिकारियों के लिए तीन डी-टाइप और आठ ई-टाइप आवास शामिल हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने नवनिर्मित आवासीय सुविधाओं पर प्रसन्नता जताते हुए न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण का लाभ उठाते हुए पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान किया।
न्यायालय भवन की स्वच्छता बनाए रखने की अपील
न्यायमूर्ति सिन्हा ने अधिवक्ताओं और न्यायालय आने वाले लोगों से नए भवन की साफ-सफाई और देखभाल में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर अधोसंरचना का उद्देश्य न्यायिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और न्याय की अपेक्षा लेकर आने वाले लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश के दूरस्थ जिला मुख्यालयों और बाह्य न्यायालयों का लगातार भ्रमण कर न्यायिक अधोसंरचना और आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल सहित रजिस्ट्री के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वहीं सरगुजा और सूरजपुर के न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

