प्यास से बेहाल वृद्धा की मदद को आगे आई महिला आरक्षक 'केसर'


दुर्ग।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां लोग घरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दुर्ग यातायात पुलिस के जवान चिलचिलाती धूप में शहर की यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं। इसी दौरान दुर्ग यातायात पुलिस की एक महिला आरक्षक ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।

जानकारी के अनुसार आज दोपहर राजेंद्र पार्क चौक पर ड्यूटी के दौरान महिला नव आरक्षक केसर साहू ने एक वृद्ध महिला को प्यास से परेशान अवस्था में देखा। वृद्धा की हालत देखते ही महिला आरक्षक ने तुरंत अपने पास मौजूद पानी उन्हें पिलाया और उनकी सहायता की।

इस मानवीय व्यवहार को देखकर वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मी की सराहना की। लोगों का कहना था कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद कर सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही है।

दुर्ग यातायात पुलिस लगातार भीषण गर्मी के बीच शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ड्यूटी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का हिस्सा है।

दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी पिएं, धूप से बचाव करें और जरूरतमंद तथा असहाय लोगों की सहायता के लिए आगे आएं।

उर्स मेले से चोरी हुई ई-रिक्शा एक साल बाद बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार


दुर्ग।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  वर्ष 2024 में उर्स मेले के दौरान चोरी हुई ई-रिक्शा को दुर्ग पुलिस ने बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की ई-रिक्शा को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे, तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार प्रताप गोस्वामी निवासी बांबे आवास उरला ने थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 जून 2024 की रात वह अपने परिवार के साथ ई-रिक्शा क्रमांक CG 07 CQ 8647 से उर्स मेला देखने पुराना बस स्टैंड पहुंचा था। उसने ई-रिक्शा को कचहरी गेट के पास लॉक कर खड़ा किया और परिवार के साथ मेले में चला गया। करीब एक घंटे बाद लौटने पर ई-रिक्शा गायब मिली।

रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति लाल रंग की ई-रिक्शा बेचने के लिए ग्राहक खोज रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम चाणक कुमार निवासी ग्राम बोरी नगपुरा और गोविन्द यादव निवासी सुपेला भिलाई बताया। दोनों ने उर्स मेले के दौरान ई-रिक्शा चोरी करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 50 हजार रुपये कीमत की चोरी गई ई-रिक्शा बरामद कर जप्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने साधु-संत और संघ की भूमिका पर उठाए सवाल, VIDEO

बिलासपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका तक पर सीधा निशाना साधा।

भूपेश बघेल ने कहा कि रामभद्राचार्य को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित रूप से गौमांस खाने वाले किरण रिजुजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया है  । उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभद्राचार्य इसे उचित मानते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों और गोवा की भाजपा सरकारों में भी ऐसे मंत्री मौजूद हैं, जिन पर गौमांस खाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में इस विषय पर दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं।

भूपेश बघेल ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज RSS खुद को धर्म का सबसे बड़ा ठेकेदार बना रहा है। उन्होंने सवाल किया कि मोहन भागवत ने कभी संस्कृत का कोई श्लोक बोला है या धार्मिक चर्चा की है? फिर वे हिंदू धर्म के सबसे बड़े प्रतिनिधि कैसे बन गए।

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उल्लेख करते हुए कहा कि मोहन भागवत को वहां इतना प्रमुख स्थान क्यों दिया गया। भूपेश ने कहा कि रामभद्राचार्य को इस पर भी अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री सिर्फ यहीं नहीं रुके उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल के रोज बढ़ते दामों पर भी केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। 


ब्लड कैंसर का झांसा देकर युवक से तीन लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार


राजनांदगांव।
  TODAY छत्तीसगढ़  / सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर बीमारी और पारिवारिक परेशानी का झांसा देकर युवक से तीन लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को बसंतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी की पहचान अप्रैल 2024 में इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी मोनू कुमार चिरावतकर, कविता उर्फ दामिनी तथा सोनल उर्फ बबीता से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी लगातार मोबाइल पर संपर्क में रहने लगे। आरोपियों ने खुद को ब्लड कैंसर, माइग्रेन और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित बताया। साथ ही परिवार द्वारा प्रताड़ित किए जाने की कहानी सुनाकर प्रार्थी की सहानुभूति हासिल की। कभी इलाज, कभी राशन और कभी मां-बहन की मदद के नाम पर आरोपी अलग-अलग किश्तों में पैसे मांगते रहे।

पुलिस के मुताबिक प्रार्थी भावनात्मक रूप से प्रभावित होकर आरोपियों के खातों में कुल तीन लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुका था। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब उसने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया।

शिकायत के आधार पर थाना बसंतपुर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी  अंकिता शर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी गई।पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। 

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