रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की विवेचना को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जप्ती, तलाशी, गिरफ्तारी और चेन ऑफ कस्टडी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें डीएसपी एवं एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रभारी सुशांतो बनर्जी सहित जिले के थाना प्रभारी और विवेचक शामिल हुए। मुख्य वक्ता अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों और विवेचना की बारीकियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में अधिकारियों को जप्ती, तलाशी और गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ साक्ष्यों की चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने के महत्व को समझाया गया। पूर्व मामलों के उदाहरणों के माध्यम से विवेचना की जटिलताओं को सरल तरीके से बताया गया। वर्चुअल सत्र में थाना तमनार और लैलूंगा के अधिकारियों द्वारा हाल के अफीम प्रकरणों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान जप्ती कार्यवाही के वीडियो फुटेज भी दिखाए गए, जिससे अधिकारियों को वास्तविक प्रक्रिया की बेहतर समझ मिली।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि एनडीपीएस मामलों में छोटी-छोटी त्रुटियां भी न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए विवेचकों को हर चरण की सटीक जानकारी होना आवश्यक है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके। उन्होंने भविष्य में पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराध जैसे विषयों पर भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी को सम्मानित किया गया।



